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Last year question paper up police constable

up police constable 2018 हिंदी

UP Police Constable exam ki tayari ke liye yahan aapko year-wise aur shift-wise previous year question papers milte hain. In papers ko solve karke aap exam pattern samajh sakte hain, apni speed improve kar sakte hain aur answer key ke saath practice karke accuracy badha sakte hain.

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Q1. निम्नलिखित में से अव्यय है
  • प्राचीन
  • मोटा
  • गरीब
  • और
Explanation: अव्यय (अविकारी शब्द) वे शब्द होते हैं जिन पर लिंग, वचन, पुरुष या कारक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। ये किसी भी रूप में नहीं बदलते हैं। जैसे—और, तथा, लेकिन, परंतु, यहाँ, वहाँ, अब, तब आदि। दिए गए विकल्पों में ‘प्राचीन’, ‘मोटा’ और ‘गरीब’ विशेषण हैं जो लिंग और वचन के अनुसार बदल सकते हैं, जबकि ‘और’ एक संयोजक अव्यय है जो वाक्य या शब्दों को जोड़ने का कार्य करता है। इसलिए ‘और’ सही उत्तर है।
Q2. हिन्दी में पूर्ण विराम का चिह्न क्या है?
  • !
  • .
  • ?
Explanation: हिन्दी भाषा में पूर्ण विराम का चिह्न ‘।’ (दण्ड) होता है, जिसका प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है। अंग्रेज़ी में पूर्ण विराम के लिए ‘.’ का प्रयोग होता है, लेकिन हिन्दी में ‘।’ मानक चिह्न है। विराम चिह्नों का सही प्रयोग भाषा को स्पष्ट और प्रभावी बनाता है। अन्य विराम चिह्नों में अल्पविराम (,), प्रश्नवाचक (?) और विस्मयादिबोधक (!) शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में विराम चिह्नों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q3. ‘दूध का धुला होना’ मुहावरे का अर्थ है:
  • निर्दोष होना
  • दोषी होना
  • पाप करना
  • चोरी करना
Explanation: ‘दूध का धुला होना’ मुहावरे का अर्थ होता है—पूरी तरह निर्दोष या निष्कलंक होना। इसका प्रयोग उस व्यक्ति के लिए किया जाता है जिसने कोई गलती या अपराध न किया हो। हिन्दी में मुहावरे भाषा को प्रभावशाली और संक्षिप्त बनाते हैं। परीक्षा में मुहावरों के अर्थ पूछे जाते हैं, इसलिए उनके सही अर्थ और प्रयोग को समझना आवश्यक है। यह मुहावरा सकारात्मक अर्थ में प्रयुक्त होता है और किसी व्यक्ति की ईमानदारी को दर्शाता है।
Q4. ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ लोकोक्ति का सही अर्थ है :
  • शक्तिशाली आदमी मूर्ख होता है।
  • शक्ति सम्पन्न आदमी अपना काम बना लेता है।
  • बुद्धि सम्पन्न आदमी अपना काम बना लेता है।
  • बुद्धि सम्पन्न आदमी चालाक होता है।
Explanation: ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ लोकोक्ति का अर्थ है कि जिसके पास शक्ति या बल होता है, वही अपनी बात मनवा लेता है। यह लोकोक्ति समाज में शक्ति के महत्व को दर्शाती है, जहाँ शक्तिशाली व्यक्ति अपने हित में निर्णय कर लेता है। यह कथन कभी-कभी अन्यायपूर्ण परिस्थितियों को भी इंगित करता है। हिन्दी साहित्य में लोकोक्तियाँ जीवन के अनुभवों और सामाजिक यथार्थ को सरल रूप में प्रस्तुत करती हैं, इसलिए परीक्षाओं में इनके अर्थ पूछे जाते हैं।
Q5. वीर रस का स्थायी भाव क्या है?
  • क्रोध
  • भय
  • विस्मय
  • उत्साह
Explanation: वीर रस का स्थायी भाव ‘उत्साह’ होता है। जब किसी काव्य या रचना में साहस, पराक्रम और वीरता का वर्णन किया जाता है, तब वहाँ वीर रस की अभिव्यक्ति होती है। अन्य विकल्पों में क्रोध रौद्र रस का, भय भयानक रस का और विस्मय अद्भुत रस का स्थायी भाव है। रस सिद्धांत हिन्दी साहित्य का महत्वपूर्ण भाग है और प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इससे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
Q6. ‘दोहा’ के प्रथम चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं?
  • 11
  • 12
  • 13
  • 14
Explanation: दोहा एक अर्द्धसम मात्रिक छंद है। इसके प्रथम और तृतीय चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं, जबकि द्वितीय और चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। दोहा छंद हिन्दी साहित्य में अत्यंत लोकप्रिय है और कबीर, रहीम आदि कवियों ने इसका व्यापक प्रयोग किया है। छंद से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए मात्राओं की संख्या और संरचना को याद रखना आवश्यक है।
Q7. निम्नलिखित में कौन-सा शब्दालंकार है?
  • उपमा
  • रूपक
  • उत्प्रेक्षा
  • यमक
Explanation: शब्दालंकार वह अलंकार है जिसमें काव्य की सुंदरता शब्दों की पुनरावृत्ति या विशेष ध्वनि के कारण बढ़ती है। ‘यमक’ शब्दालंकार का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसमें एक ही शब्द का बार-बार प्रयोग भिन्न अर्थों में किया जाता है। जबकि उपमा, रूपक और उत्प्रेक्षा अर्थालंकार के अंतर्गत आते हैं। अलंकारों का ज्ञान हिन्दी साहित्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
Q8. निम्न में से तालव्य ध्वनि कौन-सी है?
Explanation: तालव्य ध्वनियाँ वे होती हैं जिनके उच्चारण में जिह्वा का मध्य भाग तालु (palate) से स्पर्श करता है। उदाहरण के रूप में च, छ, ज, झ, ञ, श, य आदि तालव्य ध्वनियाँ हैं। दिए गए विकल्पों में ‘श’ एक तालव्य ध्वनि है। अन्य विकल्पों में ‘ट’ मूर्धन्य, ‘प’ ओष्ठ्य और ‘क’ कंठ्य ध्वनि है। ध्वनिविज्ञान से जुड़े ऐसे प्रश्न हिन्दी व्याकरण में महत्वपूर्ण होते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
Q9. निम्न में से कौन-सा वर्ण अघोष है?
Explanation: अघोष वर्ण वे होते हैं जिनके उच्चारण में स्वरयंत्र (vocal cords) का कंपन नहीं होता। इनमें क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ आदि वर्ण शामिल हैं। दिए गए विकल्पों में ‘क’ अघोष वर्ण है, जबकि ‘ग’, ‘घ’ और ‘ज’ घोष वर्ण हैं क्योंकि इनके उच्चारण में स्वरयंत्र में कंपन होता है। हिन्दी ध्वनिविज्ञान में घोष और अघोष वर्णों का वर्गीकरण महत्वपूर्ण है और इससे संबंधित प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
Q10. निम्न में से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग है?
  • उपहार
  • ग्रन्थ
  • मस्तक
  • रचना
Explanation: ‘रचना’ एक स्त्रीलिंग शब्द है, जबकि ‘उपहार’, ‘ग्रन्थ’ और ‘मस्तक’ पुल्लिंग शब्द हैं। हिन्दी में लिंग के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण किया जाता है, जो वाक्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सामान्यतः ‘-ा’ अंत वाले शब्द पुल्लिंग होते हैं, जबकि ‘-ा’, ‘-ी’ आदि से भिन्न शब्द स्त्रीलिंग हो सकते हैं, परंतु यह नियम पूर्णतः निश्चित नहीं है। इसलिए शब्दों के लिंग को याद रखना आवश्यक होता है, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए।
Q11. निम्न में से कौन-सा शब्द पुल्लिंग है?
  • इच्छा
  • राष्ट्र
  • रक्षा
  • योग्यता
Explanation: ‘राष्ट्र’ पुल्लिंग शब्द है, जबकि ‘इच्छा’, ‘रक्षा’ और ‘योग्यता’ स्त्रीलिंग शब्द हैं। हिन्दी में शब्दों का लिंग उनके प्रयोग और परंपरा पर आधारित होता है, इसलिए सही लिंग का ज्ञान आवश्यक है।
Q12. किस शब्द का प्रयोग सदा बहुवचन में होता है?
  • लड़का
  • घोड़ा
  • प्राण
  • वधू
Explanation: कुछ शब्द हिन्दी में सदा बहुवचन रूप में ही प्रयुक्त होते हैं, जैसे—प्राण, दर्शन, आँसू आदि। ‘प्राण’ हमेशा बहुवचन में प्रयोग होता है। अन्य शब्दों के एकवचन और बहुवचन दोनों रूप होते हैं।
Q13. ‘ने’ किस कारक का चिह्न है?
  • कर्ता
  • कर्म
  • करण
  • संप्रदान
Explanation: ‘ने’ कर्ता कारक का विभक्ति चिह्न है। इसका प्रयोग उस कर्ता के साथ होता है जो क्रिया को करता है, विशेषकर भूतकाल में। जैसे—राम ने फल खाया। यहाँ ‘राम’ कर्ता है और ‘ने’ उसका चिह्न है।
Q14. निम्नलिखित में सर्वनाम है:
  • घर
  • आप
  • पहाड़
  • नदी
Explanation: सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं। जैसे—मैं, तुम, वह, आप आदि। दिए गए विकल्पों में ‘आप’ सर्वनाम है, जबकि अन्य सभी संज्ञा हैं।
Q15. निम्नलिखित में विशेषण है:
  • लम्बाई
  • बुढ़ापा
  • समझ
  • शांत
Explanation: विशेषण वह शब्द है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। ‘शांत’ किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण को दर्शाता है, इसलिए यह विशेषण है। ‘लम्बाई’, ‘बुढ़ापा’ और ‘समझ’ संज्ञा हैं।
Q16. प्रेरणार्थक क्रिया है-
  • गिरना
  • बोलना
  • सुनाना
  • कहना
Explanation: प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी अन्य से कार्य करवाता है। ‘सुनाना’ (किसी को सुनाना) प्रेरणार्थक क्रिया है। जबकि ‘गिरना’, ‘बोलना’ और ‘कहना’ सामान्य क्रियाएँ हैं।
Q17. ‘लड़के ने पुस्तक पढ़ी है।’ वाक्य का काल है
  • सामान्य वर्तमान
  • पूर्ण वर्तमान
  • संदिग्ध वर्तमान
  • संभाव्य वर्तमान
Explanation: ‘लड़के ने पुस्तक पढ़ी है।’ वाक्य पूर्ण वर्तमान काल का उदाहरण है, क्योंकि इसमें कार्य का पूरा होना वर्तमान समय से संबंधित है। ‘है’ सहायक क्रिया पूर्णता को दर्शाती है।
Q18. निम्नलिखित में तद्भव शब्द है:
  • अचरज
  • अंधकार
  • अंगरक्षक
  • आशा
Explanation: ‘अचरज’ तद्भव शब्द है, जो संस्कृत के ‘आश्चर्य’ शब्द से बना है। तद्भव शब्द वे होते हैं जो संस्कृत शब्दों से बदलकर बने होते हैं। ‘अंधकार’, ‘अंगरक्षक’ और ‘आशा’ तत्सम शब्द हैं।
Q19. ‘शीत’ का विलोम होगा:
  • ठण्ड
  • गीत
  • कृष्ण
  • उष्ण
Explanation: ‘शीत’ का विलोम ‘उष्ण’ होता है। ‘ठण्ड’ इसका समानार्थी शब्द है, जबकि अन्य विकल्प असंबंधित हैं। विलोम शब्दों का ज्ञान भाषा की समझ को बेहतर बनाता है।
Q20. ‘कर’ का अर्थ नहीं होता है
  • सूर्य
  • हाथ
  • किरण
  • कर (टैक्स)
Explanation: ‘कर’ शब्द के कई अर्थ होते हैं—हाथ, किरण और कर (टैक्स)। ‘सूर्य’ इसका अर्थ नहीं है। बहुअर्थी शब्दों के अर्थ संदर्भ के अनुसार बदलते हैं, इसलिए सही विकल्प का चयन महत्वपूर्ण है।
Q21. ‘जो कठिनाई से मिलता है‘ के लिए एक शब्द होगा-
  • दुर्गम
  • दुर्लभ
  • अगम
  • सुलभ
Explanation: ‘जो कठिनाई से मिलता है’ के लिए एक शब्द ‘दुर्लभ’ है। ‘दुर्गम’ का अर्थ है जहाँ पहुँचना कठिन हो, ‘अगम’ का अर्थ है जिसे जाना या प्राप्त करना कठिन हो, जबकि ‘सुलभ’ का अर्थ है आसानी से मिलने वाला।
Q22. ‘अनिल-अनल‘ का सही अर्थ देने वाला शब्द युग्म है
  • वायु-अग्नि
  • अग्नि-वायु
  • हवा-पानी
  • आग-पानी
Explanation: ‘अनिल’ का अर्थ वायु और ‘अनल’ का अर्थ अग्नि होता है। अतः सही युग्म ‘वायु-अग्नि’ है।
Q23. ‘पराजय‘ में उपसर्ग है :
  • पर
  • परा
  • जय
Explanation: ‘पराजय’ शब्द में ‘परा’ उपसर्ग है और ‘जय’ मूल शब्द है। उपसर्ग शब्द के प्रारम्भ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन करता है।
Q24. ‘लिखावट‘ में प्रत्यय है :
  • अट
  • वट
  • अवट
  • आवट
Explanation: ‘लिखावट’ शब्द में ‘आवट’ प्रत्यय है। प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़कर नए शब्द का निर्माण करता है और उसके अर्थ में परिवर्तन लाता है।
Q25. महोत्सव का संधि-विच्छेद है :
  • महो + उत्सव
  • महा + उत्सव
  • महि + उत्सव
  • म + उत्सव
Explanation: ‘महोत्सव’ का संधि-विच्छेद ‘महा + उत्सव’ है। यहाँ ‘आ + उ’ के मेल से ‘ओ’ हो जाता है, जो गुण संधि का उदाहरण है।
Q26. ‘मैंने घर जाना था।’ वाक्य में अशुद्ध अंश है :
  • मैंने
  • घर
  • जाना
  • था।
Explanation: ‘मैंने घर जाना था’ वाक्य में ‘मैंने’ अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप होगा—‘मुझे घर जाना था’।
Q27. ‘देशभक्ति‘ में समास है :
  • द्वंद्व
  • द्विगु
  • तत्पुरुष
  • अव्ययीभाव
Explanation: ‘देशभक्ति’ में तत्पुरुष समास है। इसमें ‘देश की भक्ति’ का भाव निहित है, जहाँ ‘देश’ और ‘भक्ति’ के बीच का संबंध (कारक चिह्न) लुप्त हो जाता है।
Q28. ‘पुस्तक पढ़ी जाती है।’ में कौन-सा वाच्य है?
  • कर्तृवाच्य
  • कर्मवाच्य
  • भाववाच्य
Explanation: ‘पुस्तक पढ़ी जाती है’ वाक्य में कर्मवाच्य है, क्योंकि इसमें कर्म (पुस्तक) प्रमुख है और क्रिया उसी के अनुसार व्यक्त की गई है। कर्ता का उल्लेख नहीं है।
Q29. गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक हो सकता है :
  • स्वतंत्रता प्राप्ति
  • खेलों का गिरता स्तर
  • ओलंपिक पदक
  • राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ
Explanation: दिए गए गद्यांश के अनुसार ‘खेलों का गिरता स्तर’ सबसे उपयुक्त शीर्षक है, क्योंकि इसमें खेलों की गुणवत्ता में गिरावट के कारणों पर चर्चा की गई है।
Q30. खेलों के गिरते स्तर का कारण नहीं है :
  • दोषपूर्ण नीतियाँ
  • संघों की गुटबाजी
  • सुविधाओं का अभाव
  • खेलों के लिए राष्ट्रीय सम्मान
Explanation: गद्यांश के अनुसार खेलों के गिरते स्तर के कारणों में दोषपूर्ण नीतियाँ, संघों की गुटबाजी और सुविधाओं का अभाव शामिल हैं। ‘खेलों के लिए राष्ट्रीय सम्मान’ गिरावट का कारण नहीं है, इसलिए यह सही उत्तर है।
Q31. खेलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है :
  • खिलाड़ियों को सुविधा देने से
  • अभ्यास करने से
  • आपसी गुटबंदी होने से
  • खिलाड़ियों को सम्मान देने से
Explanation: गद्यांश के अनुसार खेल संघों में आपसी गुटबंदी होने से खेलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे टीम भावना और प्रदर्शन दोनों प्रभावित होते हैं।
Q32. गद्यांश के अनुसार राष्ट्र की उपलब्धियों में नहीं है :
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • कृषि
Explanation: गद्यांश के अनुसार राष्ट्र की उपलब्धियों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि का उल्लेख है, जबकि खेल को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
Q33. खेलों में निर्धन राष्ट्र भी हमसे आगे निकल गए क्योंकि वहाँ है :
  • आपसी गुटबंदी
  • खिलाड़ियों की उपेक्षा
  • दोषपूर्ण नीतियाँ
  • खेलों को राष्ट्रीय सम्मान
Explanation: निर्धन राष्ट्र हमसे आगे इसलिए निकल गए क्योंकि वहाँ खेलों को राष्ट्रीय सम्मान दिया जाता है और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है। इसके विपरीत, हमारे यहाँ नीतिगत कमियाँ देखने को मिलती हैं।
Q34. ‘कामायनी’ के रचनाकार हैं :
  • जयशंकर प्रसाद
  • सुमित्रानन्दन पंत
  • सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
  • महादेवी वर्मा
Explanation: ‘कामायनी’ महाकाव्य के रचनाकार जयशंकर प्रसाद हैं। यह हिन्दी साहित्य की एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें मानव जीवन के भावनात्मक और दार्शनिक पक्षों का वर्णन किया गया है।
Q35. ‘गोदान’ किसका उपन्यास है?
  • यशपाल
  • प्रेमचन्द
  • भीष्म साहनी
  • अमरकान्त
Explanation: ‘गोदान’ हिन्दी के महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द की प्रसिद्ध कृति है। इसमें ग्रामीण जीवन, सामाजिक विषमताओं और किसान की समस्याओं का यथार्थ चित्रण किया गया है।
Q36. ‘बीजक’ किसकी रचनाओं का संग्रह है?
  • कबीर
  • जायसी
  • सूरदास
  • तुलसीदास
Explanation: ‘बीजक’ संत कबीर की रचनाओं का संग्रह है। इसमें उनके दोहे, साखियाँ और सबद संकलित हैं, जो भक्ति और सामाजिक सुधार का संदेश देते हैं।
Q37. ‘अंधेर नगरी’ नाटक के रचयिता हैं :
  • जयशंकर प्रसाद
  • मोहन राकेश
  • भारतेन्दु हरिश्चंद्र
  • भीष्म साहनी
Explanation: ‘अंधेर नगरी’ नाटक के रचयिता भारतेन्दु हरिश्चंद्र हैं। यह नाटक सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था पर व्यंग्य प्रस्तुत करता है और हिन्दी नाटक साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।