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up police constable 2018 हिंदी

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Q39. वाच्य के कितने प्रकार हैं?
  • तीन
  • चार
  • एक
  • कोई प्रकार नहीं
Explanation: 39-(1) वाच्य क्रिया के उस रूपांतर को कहते हैं जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में क्रिया के द्वारा कर्ता के विषय में कहा गया है अथवा कर्म के विषय में अथवा भाव के विषय में। वाच्य तीन प्रकार के होते हैं : (i) कर्तृ वाच्य (ii) कर्म वाच्य (iii) भाव वाच्य
Q40. वाक्य को समाप्त करने के लिए जिसका - प्रयोग किया जाता है उसे कहते हैं :
  • अल्प विराम
  • पूर्ण विराम
  • विवरण चिह्न
  • उप विराम
Explanation: 40-(2) पूर्ण विराम.. (1), पूर्ण विराम का अर्थ है पूरी तरह रुकना या ठहरना। सामान्यतः, जहाँ वाक्य की गति अंतिम रूप ले ले, विचार के तार एकदम टूट जाएँ वहाँ पूर्ण विराम का प्रयोग होता है। जैसे : यह हाथी । वह लड़का है। मैं आदमी हूँ। है।
Q41. माता-पिता लोहे के चने चबाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। रेखांकित मुहावरा का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
  • बहुत कठिनाई झेलना
  • स्पष्ट बात करना
  • बहुत ही विश्वास रखना
  • बहुत ही आशा रखना
Explanation: 41-(1) माता-पिता लोहे के चने चबाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस वाक्य में ‘लोहे के चने चबाकर ‘ मुहावरे का अर्थ है ‘बहुत कठिनाई झेलना‘ अथवा ‘असंभव या कठिन कार्य करना‘।
Q42. “कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली” लोकोक्ति का अर्थ होगा :
  • विशिष्ट और सामान्य व्यक्ति की तुलना
  • दोनों बराबर होना
  • किसी तरह की जिम्मेदारी न उठाना
  • इनमें से कोई नहीं
Explanation: 42-(1) ‘कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली‘ ‘लोकोक्ति का अर्थ है ‘विशिष्ट और सामान्य व्यक्ति की तुलना‘ अर्थात् दो असमान व्यक्तियों की तुलना ।
Q43. जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति होती है वहाँ अलंकार होगा :
  • यमक
  • अनुप्रास
  • श्लेष
  • उपमा
Explanation: 43-(2) अनुप्रास अलंकार, वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास अलंकार कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ है किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना । जैसे : मुदित महीपति मंदिर आए। सेवक सचिव सुमंत्र बुलाए। इस पंक्ति के पहले पद में ‘म‘ वर्ण की आवृत्ति एवं दूसरे पद में ‘स‘ वर्ण की आवृति हुई है। इस प्रकार यह अनुप्रास अलंकार है।
Q44. जो मासिक सम छंद है। प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं उसे कहते हैं :
  • चौपाई
  • दोहा
  • सोरठा
  • रोला
Explanation: 44-(1) चौपाई मासिक सम छंद है। चौपाई में चार चरण होते हैं तथा प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं। चरणों के अंत में दीर्घ (गुरु) के बाद हस्व (लघु) वर्ण नहीं आता है। पदों के अंतिम अक्षर समान होते हैं। जैसे : ‘विषई जीव पाई प्रभुताई। मूढ़ मोह बस होहिं जनाई । ‘
Q45. भीष्म पितामह ने आजीवन शादी न करने का प्रण लिया था। रेखांकित शब्द का समास होगा :
  • अव्ययीभाव समास
  • तत्पुरुष समास
  • कर्मधारय समास
  • द्विगु समास
Explanation: 45-(1) भीष्म पितामह ने ‘आजीवन‘ शादी न करने का प्रण लिया था। इस वाक्य में आजीवन शब्द अव्ययी भाव समास है। अव्ययी भाव समास पूर्वपदार्थप्रधानोऽव्ययीभावः अर्थात् जिस समास का पहला पद प्रधान होता है उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। इस समास का पहला पद अव्यय होता है। यह समास सदैव नपुंसक लिंग में रहता है। - - जैसे : आजीवन विग्रह जीवन भर, यथाशक्ति - विग्रह - शक्ति के अनुसार ।
Q46. करुण रस का स्थायी भाव होगा :
  • क्रोध
  • शोक
  • जुगुत्सा
  • भय
Explanation: 46-(4) करुण रस का स्थायी भाव शोक है। करुण रस किसी प्रिय व्यक्ति के चिर - विरह अथवा मरण से उत्पन्न होने वाले शोक आदि भाव के परिपाक को करुण रस कहते हैं। करुण रस का स्थायी भाव शोक है। रौद्र रस का स्थायी भाव क्रोध है। रसों की कुल संख्या नौ है।
Q47. वर्णों के समुदाय को क्या कहते हैं?
  • वर्णमाला
  • सर्वनाम
  • अक्षर
  • क्रिया
Explanation: 47-(1) वर्णों के समुदाय को वर्णमाला कहते.. हैं। हिन्दी वर्णमाला में 52 वर्ण हैं। उच्चारण एवं प्रयोग के आधार पर हिन्दी वर्णमाला के दो भेद हैं- स्वर वर्णमाला और व्यंजन वर्णमाला | स्वर वर्णमाला की संख्या 11 है। ये स्वर वर्णमाला हैं अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ व्यंजन वर्णमाला की संख्या 33 है। इसे तीन भागों में विभाजित किया गया है : (i) स्पर्श (ii) अंतःस्थ (iii) उष्म • स्पर्श - कवर्ग, चवर्ग, स्वर्ग, पवर्ग • अंतःस्थ • उष्म - य, र, ल, व श, ष, स, ह।
Q48. निम्नलिखित शब्दों में से स्त्रीलिंग शब्द को पहचानिए ।
  • संसार
  • गौरव
  • समुदाय
  • अश्विनी
Explanation: 48-(4) अश्विनी स्त्रीलिंग शब्द है। अश्विनी का अर्थ है - सत्ताइस नक्षत्रों के अंतर्गत पहला नक्षत्र, घोड़ी आदि । गौरव पुलिंग शब्द है जिसका अर्थ महत्व, गुरुता, बड़ापन आदि होता है। संसार पुलिंग शब्द है जिसका अर्थ दुनिया, जगत आदि होता है। समुदाय पुलिंग शब्द है जिसका अर्थ दल, समूह झुंड आदि होता है।
Q49. निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा सही नहीं है?
  • बेटी - बेटियाँ
  • डिबिया
  • श्रोता - डिबियें श्रोतागण
  • वधु - वधुएँ
Explanation: 49-(2) डिबिया - डिबियें सही जोड़ा नहीं है। इसका सही जोड़ा डिब्बा - डिब्बियाँ होगा। डिब्बा एक वचन है जबकि डिब्बियाँ बहुवचन है। इसी प्रकार, बेटी का बहुवचन बेटियाँ, श्रोता का बहुवचन श्रोतागण एवं वधु का बहुवचन वधुएँ हैं।
Q50. निम्नलिखित वाक्यों में से संबंधकारक वाले वाक्य को पहचानिए ।
  • राम खाना खाता है।
  • राधा का कुत्ता बहुत तेज दौड़ता है ।
  • रामु ने रावण को मारा।
  • माँ अपने बच्चे को मारती है।
Explanation: 50-(2) ‘राधा का कुत्ता बहुत तेज दौड़ता है‘ इस वाक्य में संबंध कारक है। संबंध कारक : संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका दूसरे शब्दों के साथ संबंध • प्रकट होता है, उसे संबंध कारक कहते हैं। संबंध कारक किसी क्रिया के साथ संबंध बतलाकर संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों से ही संबंध प्रकट करता है। इस कारक का विभक्ति चिह्न ‘का, की, के, रारी, रे, ना, नी, ने‘ होता है। ‘राधा का कुत्ता‘ में कारक का ‘का‘ चिह्न संबंध कारक है एवं राधा और कुत्ता के बीच संबंध बताया गया है।
Q51. निम्नलिखित शब्दों में से विशेषण को पहचानिए ।
  • ऐतिहासिक
  • उपासना
  • आश्वासन
  • अपेक्षा
Explanation: 51-( 1 ) ऐतिहासिक विशेषण शब्द है। जो शब्द संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बताए उसे विशेषण कहते हैं। कुछ संज्ञाओं - - - में प्रत्यय लगाकर विशेषण बनाया जाता है। जैसे ऐतिहासिक (विशेषण) इतिहास (संज्ञा ) + इक (प्रत्यय), धार्मिक (विशेषण) धर्म (संज्ञा) + इक (प्रत्यय), जातीय (विशेषण) जाति (संज्ञा ) + ई (प्रत्यय) ।
Q52. ‘जागना‘ मूल रूप क्रिया का प्रथम प्रेरणार्थक रूप क्या होगा?
  • जगाना
  • जगवाना
  • जागवाना
  • जाग
Explanation: 52-(1) ‘जगाना‘, जगना मूल रूप क्रिया का प्रथम प्रेरणार्थक रूप है। प्रेरणार्थक क्रिया - जिन क्रियाओं से इस बात का बोध हो कि कर्ता स्वयं कार्य न कर किसी दूसरे को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है वे प्रेरणार्थक क्रियाएँ कहलाती हैं। प्रेरणार्थक क्रियाओं के दो रूप होते हैं - एक ‘मूल‘ क्रिया तथा दूसरा प्रेरणार्थक •क्रिया होती है जो प्रथम एवं द्वितीय रूप में होती है। प्रथम में ‘ना‘ एवं द्वितीय में ‘वान‘ का प्रयोग होता है। जैसे : मूल प्रथम जगना चलना जगाना चलाना द्वितीय ( प्रेरणार्थक क्रिया) जंगवाना चलवा
Q53. निम्नलिखित वाक्यों में से पूर्ण वर्तमान काल को स्पष्ट कीजिए ।
  • अब हमारे पढ़ने का समय हो गया है।
  • वह घूमने जा रही है।
  • वह पढ़ रहा था।
  • मैं बाहर जाऊँगी।
Explanation: 53-(1) पूर्ण वर्तमान काल क्रिया का वह रूप है जिससे वर्तमान काल में कार्य की पूर्ण सिद्धि का बोध होता है। जैसे : अब हमारे पढ़ने का समय हो गया है। लड़के ने पुस्तक पढ़ी है । मैंने रोटी खाई है।
Q54. ‘सुरेश गीत गा रहा था‘ वाक्य में काल
  • अपूर्ण भूत
  • पूर्ण भूत
  • सामान्य भूत
  • आसन्न भूत
Explanation: 54-(1) अपूर्ण भूत- इससे यह ज्ञात होता है कि क्रिया भूत काल में हो रही थी किन्तु उसकी समाप्ति का पता नहीं चलता अपूर्ण भूतकाल कहलाता है। जैसे : सुरेश गीत गा रहा था। गीता सो रही थी । पूर्ण भूत में क्रिया के समाप्ति का स्पष्ट बोध होता है कि क्रिया को समाप्त हुए काफी समय बीता है। जैसे: वह आया था।
Q55. पक्षी दाना चुग रहा है। - रेखांकित शब्द का पर्यायवाची शब्द नहीं है :
  • पंकज
  • अंडज
  • खग
  • नभचर
Explanation: 55-(1) पंकज पक्षी शब्द का पर्यायवाची शब्द नहीं है। पंकज, कमल शब्द का पर्यायवाची शब्द है। पक्षी शब्द के पर्यायवाची शब्द हैं : खग, अंडज, नभचर, विहंग, विहग, पखेरु, परिन्दा, चिडिया, शकुन्त, पतंग, / द्विज ।
Q56. हमें अनाथ बच्चों की मदद करनी चाहिए। रेखांकित शब्द का विलोम बताइए।
  • सनाथ
  • अज्ञ
  • अपाहिज
  • जिसका कोई न हो
Explanation: 56-(1) हमें अनाथ बच्चों की मदद करनी चाहिए। इस वाक्य में अनाथ का विलोम शब्द ‘सनाथ‘ है। अज्ञ का विलोम शब्द ‘विज्ञ, प्रज्ञ‘ है।
Q57. निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द अनेकार्थी नहीं है?
  • कनक
  • अनंत
  • महावीर
  • हत्या
Explanation: 57-(4) हत्या अनेकार्थी शब्द नहीं है। हत्या का अर्थ है मार डालना। कनक, अनंत एवं महावीर अनेकार्थी शब्द हैं। कनक का अर्थ सोना एवं धतूरा होता है। अनंत का अर्थ असीम, जिसका अन्त न हो एवं विष्णु, कृष्ण के लिए प्रयोग होता है। महावीर शब्द का अर्थ है: हनुमान, बहुत बलवान, जैन तीर्थंकर |
Q58. जिनका संबंध अध्यात्म से है - के लिए एक ही शब्द होगा :
  • आध्यात्मिक
  • धार्मिक
  • शास्त्रीय
  • नैतिक
Explanation: 58-(1) जिसका संबंध अध्यात्म से है उसे ‘आध्यात्मिक‘ कहते हैं। जिसका संबंध धर्म से है उसे धार्मिक कहते हैं। जिसका संबंध शास्त्र से होता है उसे शास्त्रीय कहते हैं। नीति के अनुरूप होने वाले को नैतिक कहते हैं।
Q59. कौन-सा जोड़ा समरूपी भिन्नार्थक है?
  • अवधि- अवधी
  • अनुचर - नौकर
  • आदि - अन्त
  • अभिनय - नाटक
Explanation: 59-(1) अवधि का अर्थ काल, समय होता है जबकि ‘अवधी‘ अवध देश की भाषा है। आदि का अर्थ है प्रारंभ या आरंभ अंत का अर्थ है समाप्त, अनुचर का अर्थ नौकर, दास होता है। अभिनय का अर्थ नाटक होता है।
Q60. हमें प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करना चाहिए। रेखांकित शब्द को पहचानिए ।
Explanation: 60-(2) हमें प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करना चाहिए। इस वाक्य में प्रतिदिन शब्द अव्यय है। ‘अव्यय‘ ऐसे शब्द को कहते हैं, जिसके रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक इत्यादि के कारण कोई विकार उत्पन्न नहीं होता । ‘प्रतिदिन‘ क्रिया विशेषण अव्यय है। ऐसे क्रिया विशेषण जो किसी दूसरे शब्द से प्रत्यय या पद जोड़ने पर बनते हैं यौगिक क्रिया विशेषण अव्यय कहलाते हैं। जैसे : प्रतिदिन, यथाक्रम, आजन्म। ये शब्द अव्यय और दूसरे शब्दों के मेल से बने हैं।
Q61. मिलाप
  • मिल
  • अव्यय
  • अप -
  • कारक शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?
Explanation: 61-(2) मिलाप शब्द में ‘आप‘ प्रत्यय है। प्रत्यय शब्दों के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है। उसे प्रत्यय कहते हैं। प्रत्यय दो शब्दों से बना है : प्रति + अय । प्रति का अर्थ है ‘साथ में‘, ‘पर बाद में‘ और ‘अय‘ का अर्थ है ‘चलने वाला‘ | अतएव प्रत्यय का अर्थ है शब्दों के - साथ पर बाद में चलने वाला या लगने वाला । जैसे : मिलाप मिल (धातु, मूल शब्द) + आप (प्रत्यय) ।
Q62. प्रति + आघात का संधि रूप क्या होगा?
  • प्रत्याघात
  • प्रतियाघात
  • प्रतीयाघात
  • प्रतीआघात
Explanation: 62-(1) प्रति + आघात का संधि ‘प्रत्याघात‘ होगा। प्रत्याघात ‘यण स्वर संधि‘ है। यण स्वर संधि (इको यणचि) ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ के बाद यदि को सवर्ण स्वर (इससे भिन्न) आता है तो ह्रस्व एवं दीर्घ इ, उ, ऋ का क्रमशः य, व, र हो जाता है। जैसे : प्रति + आघात आघात प्रत् + इ य + प्रत्य आघात = प्रत्याघात
Q63. महौषध शब्द का संधि विच्छेद कीजिए।
  • महा + ओषध
  • महा +
  • महा + औषधी
  • मह + ओषधी
Explanation: 63-(1) महौषध का संधि-विच्छेद : 1 महा + औषध। महौषध शब्द वृद्धि स्वर संधि है। वृद्धि स्वर संधि ( वृद्धिरेचि) यदि अ, आ के बाद ‘ए‘ या ‘ऐ‘ आए. तो ‘दोनों के स्थान में ‘ऐ‘ और ‘ओ‘ या ‘औ‘ आवे तो दोनों के स्थान में ‘औ‘ हो जाता है। जैसे : महौषध = महा + औषध = मह् + आ + औषध = महौषध औ
Q64. निम्नलिखित शब्दों में से तद्भव शब्द को पहचानिए।
  • पाषाण
  • कंगण
  • प्यासा
  • पक्ष
Explanation: 64-(3) प्यासा शब्द तद्भव शब्द है। प्यासा का तत्सम शब्द ‘पिपासा‘ है। ‘पाषाण‘ तत्सम शब्द है जिसका तद्भव शब्द ‘पाहन‘ है ! ‘पक्ष‘ तत्सम शब्द है जिसका तद्भव शब्द ‘पात्व‘ होगा। ‘कंकण‘ तत्सम शब्द है जिसका तद्भव कंगन है। आज मैं यहीं
Q65. निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य अशुद्ध है?
  • आज मैं यही रहूँगा।
  • सज्जन लोग भला ही सोचते हैं।
  • क्या तुम कालेज जाते हो?
  • अभी तक पत्र नहीं मिला है।
Explanation: 65-(1) शुद्ध वाक्य होगा - रहूँगा।
Q66. मुझे आज खाने का मन नहीं होती है। अशुद्ध अंश स्पष्ट कीजिए ।
  • मुझे
  • आज
  • खाने का
  • मन नहीं होती है।
Explanation: 66-(4) ‘मन नहीं होती है‘ वाक्य में अशुद्ध अंश है। इसके स्थान पर ‘मन नहीं है‘ होना चाहिए।
Q67. उनके पिता कौन-से समाज के नेता थे?
  • ब्रह्म समाज
  • आर्य समाज
  • सत्यशोधक समाज मिशन
  • रामकृष्ण
Explanation: 67-(1) प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने बताया है कि रबीन्द्रनाथ टैगोर के पिता ब्रह्म समाज के नेता थे। उनका नाम देवेन्द्रनाथ था।
Q68. ‘जन गण मन‘ राष्ट्रगान के रचनाकार हैं :
  • रबीन्द्रनाथ टैगोर बाबू
  • बंकीम
  • हरिवंशराय बच्चनजी
  • सरोजिनी नायडू
Explanation: 68-(1) प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने स्पष्ट कहा है कि " जनगण मन " राष्ट्रगान के रचयिता रबीन्द्रनाथ टैगोर हैं। उन्होंने बांग्लादेश का राष्ट्रीय गीत ‘आमार सोनार बांग्ला‘ की भी रचना की है।
Q69. ‘नाइट हुड‘ की उपाधि रबीन्द्रनाथ ने क्यों लौटाई?
  • उन्हें वह उपाधि पसंद नहीं थी।
  • जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में लौटाई थी।
  • बंग-भंग के आंदोलन के विरोध में
  • ब्रिटिश शासन ने उनसे ले ली
Explanation: 69-(2) प्रस्तुत गद्यांश में बताया गया है कि रबीन्द्रनाथ टैगोर ने नाइटहुड की उपाधि लौटा दी थी क्योंकि 1919 में हुए जलियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने अपनी नाइटहुड की उपाधि ब्रिटिश सरकार को लौटा दी।
Q70. रबीन्द्रनाथ टैगोर की कौन-सी रचना को नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ?
  • काबुली वाला
  • मास्टर साहब
  • पोस्ट मास्टर
  • गीतांजलि
Explanation: 70-(4) प्रस्तुत गद्यांश में बताया गया है कि रबीन्द्रनाथ टैगोर को 1913 में उनकी रचना गीतांजलि को नोबेल पुरस्कार साहित्य के क्षेत्र में मिला।
Q71. रबीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
  • 7 मई, 1861 को कलकत्ता में
  • 2 अक्टूबर, 1861 को गुजरात में
  • 14 नवम्बर, 1869 को इलाहाबाद में
  • 5 सितम्बर, 1889 को उत्तर प्रदेश में
Explanation: 71-(1) प्रस्तुत गद्यांश में बताया गया है कि रबीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता के एक बंगाली परिवार में हुआ था।
Q72. ‘कामायनी के रचयिता कौन हैं?
  • जयशंकर प्रसाद जी
  • महादेवी वर्मा
  • सूर्यकान्त त्रिपाठी
  • सुमित्रानंदन पंत
Explanation: 72-(1) ‘कामायनी‘ के रचनाकार ‘जयशंकर प्रसाद‘ हैं। कामायनी हिन्दी भाषा का एक ‘महाकाव्य है। यह छायावादी युग का सर्वोत्तम एवं प्रतिनिधि हिन्दी महाकाव्य है। इस काव्य का प्रकाशन 1936 में हुआ था।
Q73. कौन-सी रचना तुलसीदास जी की नहीं है?
  • दोहावली
  • गीतावली
  • रामचरित मानस
  • यामा
Explanation: 73-(4) तुलसीदास हिन्दी साहित्य के महान कवि थे। इनकी प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं: रामचरितमानस, गीतावली, कवितावली, विनयपत्रिका, दोहावली, हनुमान चालीसा, जानकी मंगल आदि । ‘यामा‘ की रचना ‘महादेवी वर्मा‘ ने की है। इनमें उनके भारत-भारती (1912) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय में काफी प्रभावशाली साबित हुई थी। इसी कारण महात्मा गांधी ने उन्हें राष्ट्र कवि की पदवी दी थी।
Q74. निम्नलिखित कवियों में से गाँधीजी ने किस कवि को राष्ट्रकवि का सम्मान दिया?
  • महादेवी वर्मा
  • जयशंकर प्रसाद
  • मैथिलीशरण गुप्त
  • सुमित्रानंदन पंत
Explanation: 74-(3) मैथिलीशरण गुप्त को 1936 में मैथिली मान ग्रंथ भेंट करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने ‘राष्ट्रकवि‘ की उपाधि से संबोधित किया। सन् 1936 में काशी में यह अभिनंदन ग्रंथ भेंट करने का समारोह आयोजित किया गया था। मैथिलीशरण गुप्त जिस काव्य के कारण जनता के प्राणों में रच-बस गए और राष्ट्रकवि कहलाए, वह कृति भारत भारती है। यह काव्य 1912 में रचा गया और संशोधनों के साथ 1914 में प्रकाशित हुआ। भारतीय साहित्य में भारत भारती सांस्कृतिक नवजागरण का ऐतिहासिक दस्तावेज है।
Q75. ‘देवदास‘ उपन्यास पर तीन बार फिल्म बन चुकी है। उपन्यासकार का क्या नाम है?
  • प्रेमचंद जी
  • शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय
  • धर्मवीर भारती
  • रामचन्द्र शुक्ला जी संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता
Explanation: 75-(2) देवदास बांग्ला भाषा के प्रसिद्ध उपन्यासकार शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय का प्रसिद्ध उपन्यास है। इसका प्रथम प्रकाशन 30 जून, 17 को हुआ था।