UP Police Constable Previous Year Question Papers pdf with solution year 2018 set 6 hindi
up police constable 2018 हिंदी
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Q114. ‘रंगीला‘ शब्द में किस प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
- गीला
- इला
- ला
- ईला
Explanation: 114-(4) रंगीला रंग + ईला इस प्रत्यय ‘ईला‘ के प्रयोग से विशेषण बनते हैं।
Q115. ‘सूर्योदय‘ में कौन-सी संधि है?
- गुण
- यण
- वृद्धि
- दीर्घ
Explanation: 115-(1) सूर्योदय → सूर्य + उदय ओ अ + उ यह गुण संधि का उदाहरण है।
Q116. शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए :
- उसका शिमला जाना है।
- उसने शिमला जाना है।
- उससे शिमला जाना है।
- उसे शिमला जाना है।
Explanation: 116-(4) विकल्प में वर्णित वाक्यों में ‘उसे शिमला जाना है‘ शुद्ध है।
Q117. ‘सज्जन‘ शब्द में समास
- कर्मधारय समास
- तत्पुरुष समास
- द्वंद्व समास
- द्विगु समास
Explanation: 117-(1) ‘सज्जन‘ शब्द में कर्मधारय समास है। इसका समास विग्रह ‘सत् हैं जो जन‘ होता है। विदित है कि कर्मधारय समास में पहला पद विशेषण अथवा उपमान होता है तथा दूसरा पद विशेष्य अथवा उपमेय होता है।
Q118. वाच्य के कितने भेद होते हैं?
- दो
- पाँच
- सात
- तीन
Explanation: 118-(4) हिन्दी व्याकरण में वाच्य के तीन भेद होते हैं ! (i) कर्तृवाच्य (ii) कर्मवाच्य. (iii) भाववाच्य।
Q119. वह दिनभर पढ़ता रहता है। : रेखांकित पद में अव्यय का भेद बताइए ।
- परिणामवाची
- निपात
- समुच्चयबोधक
- प्रश्नवाचक
Explanation: 119-(1) उपर्युक्त वाक्य में ‘परिणामवाची‘ अव्यय प्रयुक्त हुआ है।
Q120. (!) कोष्ठक में दिए गए विराम चिह्न का नाम है :
- प्रश्नवाचक
- अल्प विराम
- पूर्ण विराम
- विस्मयबोधक
Explanation: 120-(4) कोष्ठक में दिए गए विराम चिह्न का नामविस्मयादिबोधक (!) है। प्रश्नवाचक, अल्पविराम एवं पूर्णविराम के लिए विराम चिह्न क्रमश: (?), (,) एवं (1) हैं।
Q121. ‘बाल की खाल निकालना‘ मुहावरे का अर्थ है
- बढ़ा-चढ़ा कर बात कहना
- गुण-दोष की परख करना
- बहुत मीनमेख निकालना
- मुश्किल काम करना
Explanation: 121-(3) दिए गए मुहावरे का सर्वाधिक उचित अर्थ ‘बहुत मीनमेख निकालना‘ होता है।
Q122. ‘चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात‘ लोकोक्ति का अर्थ है :
- थोड़े दिन का सुख
- चाँद न दिखाई देना
- चार दिन चाँद दिखना
- सुख ही सुख होना
Explanation: 122-(1) दिए गए लोकोक्ति का सर्वाधिक उचित अर्थ ‘थोड़े दिन का सुख‘ होगा।
Q123. साहित्य में रस का क्या अर्थ है?
- साहित्य की मिठास
- किसी रस का आनन्द
- किसी फल का स्वाद
- साहित्य से मिलने वाली आनंदानुभूति
Explanation: 123-(4) साहित्य में रस का अर्थ है- साहित्य से मिलने वाली आनंदानुभूति ।
Q124. दोहा छंद में कितने चरण होते हैं?
- दो
- छ:
- तीन
- चार
Explanation: 124-(4) ‘दोहा‘ छंद में चार चरण होते हैं। इस छंद के प्रथम और तृतीय चरण में 13-13 तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं। इसके द्वितीय चरण के अंत में गुरु लघु आते हैं।
Q125. भाषा में शब्द और अर्थ की दृष्टि से सौंदर्य उत्पन्न करते हैं :
- रस
- अलंकार
- गुण
- छंद
Explanation: 125-(2) अलंकार को शोभाकारक धर्म माना गया है। यह भाषा में शब्द और अर्थ की दृष्टि से सौन्दर्य उत्पन्न करता है।
Q126. य, र, ल, व किस प्रकार के व्यंजन हैं?
Explanation: 126-(2) य, र, ल, व अंतस्थ व्यंजन के अंतर्गत आते हैं। वैसे व्यंजन जिनका उच्चारण अवरोध की दृष्टि से स्वर एवं व्यंजन के बीच का है, अंतस्थ व्यंजन कहलाते हैं।
Q127. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग है?
- कृपा
- मित्र
- कार्य
- त्योहार
Explanation: 127-(1) विकल्प में वर्णित शब्दों में ‘कृपा‘ स्त्रीलिंग शब्द है जबकि शेष अन्य पुल्लिंग शब्द हैं। वाक्य प्रयोग : प्रभु बस आपकी कृपा बनी रहे ।
Q128. वचन किसका बोध कराता है?
- प्राणी या वस्तु के एक या अनेक होने का
- प्राणी या वस्तु के एक होने का
- प्राणी या वस्तु के अनेक होने का
- प्राणी या वस्तु के लिंग का
Explanation: 128-(1) वचन, प्राणी या वस्तु के एक या अनेक होने का बोध कराता है। हिन्दी व्याकरण के अनुसार वचन दो प्रकार के होते हैं - एकवचन और बहुवचन ।
Q129. ‘उसने टेढ़ी चाल चली‘ वाक्य में कौन-सा कारक है?
- कर्म कारक
- सम्बन्ध कारक
- अधिकरण कारक
- कर्ता कारक
Explanation: 129-(4) उपर्युक्त वाक्य में ‘कर्त्ता कारक‘ प्रयुक्त हुआ है । कर्त्ता कारक में कारक चिह्न ‘ने‘ का प्रयोग होता है।
Q130. निम्नलिखित में से किस वाक्य में सर्वनाम का प्रयोग हुआ है?
- आज बरसात होगी ।
- मैं कल दिल्ली जा रहा हूँ।
- घर का काम कर लो।
- सीमा और रीमा बहने हैं।
Explanation: 130-(2) ‘मैं कल दिल्ली जा रहा हूँ‘ वाक्य में ‘मैं‘ सर्वनाम का प्रयोग हुआ है।
Q131. विशेषण किस शब्द की विशेषता बताता है?
- संज्ञा की
- कारक की
- क्रिया की
- वचन की
Explanation: 131-(1) संज्ञा (विशेष्य) की विशेषता बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं: जैसे- बड़ा लड़का, लाल मिर्च, चार आदमी, किलो भर आदि ।
Q132. कर्म के आधार पर क्रिया के कितने भेद होते हैं?
- तीन
- चार
- छ:
- at
Explanation: 132-(4) कर्म के आधार पर क्रिया के मुख्यतः दो भेद होते हैं अकर्मक क्रिया । सकर्मक क्रिया एवं
Q133. ‘व्याकरण‘ में काल का क्या अर्थ है?
- अंत
- समय
- पीड़ा
- मृत्यु
Explanation: 133-(2) हिन्दी व्याकरण में काल का अर्थ ‘समय‘ होता है। विदित है कि क्रिया होने के समय का बोध क्रिया के काल रूप में होता है।
Q134. यह ताले की चाबी है। रेखांकित शब्दों में कौन-सा कारक है?
- सम्प्रदान कारक
- अपादान कारक
- करण कारक
- कर्ता कारक
Explanation: 134-(*) उपर्युक्त वाक्य में ‘सम्बंध कारक‘ प्रयुक्त हुआ है । सम्बंध कारक का कारक चिह्न का, के, की, रा, रे, री, ना, ने, नी होता है। ,
Q135. निम्नलिखित में से कौन-सी शब्द पुल्लिंग है?
- भवदीया
- डिबिया
- साध्वी
- संचालक
Explanation: 135-(4) विकल्प में वर्णित शब्दों में ‘संचालक‘ पुल्लिंग शब्द है जबकि शेष स्त्रीलिंग शब्द हैं।
Q136. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द तत्सम शब्द नहीं है?
- शोक
- पृथ्वी
- चंद्र
- परख
Explanation: 136-(4) विकल्प में वर्णित शोक, पृथ्वी एवं चंद्र शब्द तत्सम हैं जबकि ‘परख‘ तद्भव शब्द है।
Q137. किस विकल्प में सभी शब्द तद्भव शब्द हैं?
- आग, जीभ, घर •
- पत्र, फूल, हाथी
- बरखा, रात, सत्य
- उच्च, दुर्बल, पुष्प
Explanation: 137-(1) आग, जीभ एवं घर तद्भव शब्द हैं। इसका तत्सम रूप क्रमशः अग्नि, जिह्वा एवं गृह होगा।
Q138. दिए गए विकल्पों में से कौन - सा विकल्प ‘दूध‘ का पर्याय नहीं है?
- दुग्ध
- पय
- गौरस
- अमिय
Explanation: 138-(4) दूध का पर्यायवाची दुग्ध, पय, क्षीर एवं गोरस होता हैं। ‘अमिय‘ शब्द अमृत का पर्यायवाची होता है।
Q139. ‘सापेक्ष‘ का सही विलोम शब्द होगा :
- निरपेक्ष
- परोक्ष
- प्रतिपक्ष
- स्पष्ट
Explanation: 139-(1) ‘सापेक्ष‘ शब्द का उचित विलोम ‘निरपेक्ष‘ होगा।
Q140. ‘अंक‘ शब्द के अनेकार्थी शब्द - समूह का चयन कीजिए :
- अंग, गोदी, हिस्सा
- गोद, संख्या, अध्याय
- संख्या, भाग, टुकड़ा
- अध्याय, समय, अवस्था
Explanation: 140-(2) ‘अंक‘ के अनेकार्थक शब्द इस प्रकार हैं: संख्या, अध्याय, भाग्य, चिह्न, देह, गोद, स्थान।
Q141. अपराध बोध से होने वाली ग्लानि‘ वाक्यांश‘ के लिए एक शब्द लिखिए :
- लज्जा
- निंदा
- आत्मग्लानि
- पश्चाताप.
Explanation: 141-(3) ‘अपराध बोध से होने वाली ग्लानि‘ के लिए एक शब्द ‘आत्मग्लानि‘ होगा । -
Q142. ‘चिर- चीर‘ के अर्थ के सही विकल्प का चयन कीजिए :
- लम्बा- प्राचीन
- वस्त्र - पुराना
- पेड़-वस्त्र
- पुराना वस्त्र
Explanation: 142-(4) चिर पुराना चीर वस्त्र
Q143. ‘सम्‘ उपसर्ग से बना शब्द है
- संयोग
- सुकर्म
- समभाव
- स्वयं निर्देश (144-148 ) : निम्नलिखित प्रश्नों के
Explanation: 143-(1) संयोग सम् + योग (उपसर्ग)
Q144. कविता का मर्मज्ञ तथा रसिक कौन हो सकता है?
- जो कविता के मर्म को समझकर उसके रस में डूब जाता है
- जो कविता सुनता
- जो कविता सुनकर दाद देता है। है।
- जो रसपान करता है।
Explanation: 144-(1) कविता का मर्मज्ञ तथा रसिक वह होता है जो कविता के मर्म को समझकर उसके रस में डूब जाता है।
Q145. पुष्प का सौंदर्य किसमें है?
- तोड़ने वाले की दृष्टि में
- देखने वाले की दृष्टि में
- स्वयं पुष्प में
- पाने वाले की दृष्टि में
Explanation: 145-(2) प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार पुष्प का सौन्दर्य देखने वाले की दृष्टि में है।
Q146. अच्छा गुरु अपने शिष्य में देखता है S
- जाति तथा धर्म
- आचार-विचार
- भक्ति तथा श्रद्धा :
- रंग तथा रूप
Explanation: 146-(3) उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार अच्छा गुरु अपने शिष्य में भक्ति तथा श्रद्धा देखता है न कि जाति तथा धर्म, आचार- विचारं तथा रंग एवं रूप।
Q147. ” जो सम्मान और प्रतिष्ठा मुझे मिली है, उस सबका श्रेय मेरे उन्हीं गुरु का है । ” कथन से कौन-सा भाव प्रकट होता है?
- गुरु के प्रति घृणा
- गुरु के प्रति अपनापन
- गुरु के प्रति शिष्य भाव
- गुरु के प्रति श्रद्धा
Explanation: 147-(4) गद्यांश से अवतरित उपर्युक्त कथन गुरु के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट होता है। .
Q148. ‘पथ‘ शब्द का उचित समानार्थी शब्द है: 0:0
- मार्ग
- भोजन
- यात्री
- पथिक
Explanation: 148-(1) ‘पंथ‘ शब्द का उचित समानार्थी शब्द ‘मार्ग‘ होगा। यात्री एवं पथिक भी समानार्थी शब्द हैं।
Q149. निम्नलिखित में से रीतिकाल के कवि हैं :
- तुलसीदास
- कबीरदास
- वृंद
- सूरदास
Explanation: 149-(3) ‘वृंद‘ कवि रीतिकाल के रीतिईतर नीतिकाव्य धारा के कवि हैं। इनके नीतिपरक दोहे आमजनों में काफी लोकप्रिय हैं। तुलसीदास, कबीरदास एवं सूरदास भक्तिकाल के सम्मानित कवि रहे हैं।
Q150. कामायनी के रचनाकार हैं :
- प्रसाद
- निराला
- पंत
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Explanation: 150-(1) ‘कामायनी‘ छायावाद के सशक्त स्तंभ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित हिन्दी का अंतिम और एकमात्र भावप्रधान महाकाव्य है । इस रचना में प्रसाद जी ने मानव मन एवं मानवता के विकास की कथा उद्धृत की है।