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UP Police Constable Previous Year Question Papers pdf with solution year 2018 set 7 hindi

up police constable 2018 हिंदी

UP Police Constable exam ki tayari ke liye yahan aapko year-wise aur shift-wise previous year question papers milte hain. In papers ko solve karke aap exam pattern samajh sakte hain, apni speed improve kar sakte hain aur answer key ke saath practice karke accuracy badha sakte hain.

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Q1. वर्णों के कितने भेद हैं?
  • दस
  • सात
  • दो
  • आठ
Explanation: वर्णों के मुख्यतः दो भेद होते हैं—(i) स्वर वर्ण और (ii) व्यंजन वर्ण। स्वर वे ध्वनियाँ हैं जिनका उच्चारण बिना किसी अवरोध के होता है, जैसे अ, आ, इ आदि। व्यंजन वे ध्वनियाँ हैं जिनके उच्चारण में किसी न किसी प्रकार का अवरोध होता है, जैसे क, ख, ग आदि। हिन्दी व्याकरण में यह वर्गीकरण बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शब्द-निर्माण और उच्चारण की मूल समझ विकसित होती है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग है :
  • मालिक
  • कहार
  • पाठक
  • योगिनी
Explanation: ‘योगिनी’ शब्द स्त्रीलिंग है, जबकि मालिक, कहार और पाठक सभी पुल्लिंग शब्द हैं। हिन्दी में प्रायः ‘-नी’ प्रत्यय वाले शब्द स्त्रीलिंग होते हैं, जैसे नर्तकी, साध्वी, योगिनी आदि। यह प्रत्यय स्त्रीलिंग का संकेत देता है। परीक्षा में लिंग की पहचान करते समय शब्द के अंत, अर्थ और प्रचलित रूप का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
Q3. पुल्लिंग शब्द का चयन कीजिए :
  • नायिका
  • लेखिका
  • वधू
  • धावक
Explanation: ‘धावक’ शब्द पुल्लिंग है, जबकि नायिका, लेखिका और वधू स्त्रीलिंग शब्द हैं। हिन्दी में ‘-क’ प्रत्यय वाले कई शब्द पुल्लिंग होते हैं, जैसे लेखक, चालक, गायक आदि। वहीं ‘-का’ या ‘-िका’ वाले शब्द प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं। लिंग की पहचान के लिए शब्द के रूप और प्रयोग को समझना आवश्यक है।
Q4. शिक्षक का बहुवचन होगा
  • शिक्षकों
  • शिक्षका
  • शिक्षिकाएँ
  • शिक्षकगण
Explanation: ‘शिक्षक’ का सही बहुवचन ‘शिक्षकों’ होता है। हिन्दी में अकारान्त पुल्लिंग शब्दों का बहुवचन बनाने के लिए ‘अ’ के स्थान पर ‘ओं’ का प्रयोग किया जाता है, जैसे लड़का → लड़कों, शिक्षक → शिक्षकों। ‘शिक्षकगण’ भी बहुवचन का रूप है, परन्तु सामान्य व्याकरणिक रूप ‘शिक्षकों’ अधिक उपयुक्त माना जाता है। परीक्षा में प्रायः मानक रूप को ही सही उत्तर माना जाता है।
Q5. माँ ने बाजार से कपड़ा खरीदा। रेखांकित शब्द का कारक बताइए।
  • कर्ता कारक
  • करण कारक
  • कर्म कारक
  • अधिकरण कारक
Explanation: वाक्य में ‘बाजार से’ में ‘से’ कारक चिह्न प्रयुक्त हुआ है, जो करण कारक का बोध कराता है। करण कारक का प्रयोग उस साधन या माध्यम को व्यक्त करने के लिए होता है जिससे क्रिया संपन्न होती है। यहाँ ‘बाजार से’ का अर्थ है कि खरीदने की क्रिया का संबंध बाजार से है। इसलिए ‘से’ के प्रयोग के आधार पर इसे करण कारक माना जाएगा।
Q6. यह मेरी पतंग है। रेखांकित शब्द का भेद बताइए।
  • निश्चयवाचक सर्वनाम
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  • निजवाचक सर्वनाम
  • प्रश्नवाचक सर्वनाम
Explanation: वाक्य में ‘यह’ शब्द निश्चयवाचक सर्वनाम है, क्योंकि यह किसी निश्चित वस्तु की ओर संकेत करता है। निश्चयवाचक सर्वनाम वे होते हैं जो किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु को दर्शाते हैं, जैसे यह, वह, वही आदि। इसके विपरीत, अनिश्चयवाचक सर्वनाम अनिश्चितता दर्शाते हैं, जैसे कोई, कुछ आदि। इसलिए यहाँ ‘यह’ का प्रयोग निश्चित वस्तु (पतंग) के लिए हुआ है।
Q7. ‘समझदार’ शब्द विशेषण का कौन-सा भेद है :
  • सार्वनामिक विशेषण
  • संख्यावाचक विशेषण
  • परिणामवाचक विशेषण
  • गुणवाचक विशेषण
Explanation: ‘समझदार’ शब्द गुणवाचक विशेषण है, क्योंकि यह संज्ञा के गुण को व्यक्त करता है। गुणवाचक विशेषण वे होते हैं जो किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा आदि का वर्णन करते हैं। उदाहरण के लिए—अच्छा, बुरा, सुंदर, बुद्धिमान आदि। यहाँ ‘समझदार’ व्यक्ति के गुण (समझ) को दर्शाता है, इसलिए यह गुणवाचक विशेषण है।
Q8. ‘चर्चा’ शब्द से बना विशेषण है :
  • चर्चाएँ
  • चार्चा
  • चर्चित
  • चर्या
Explanation: ‘चर्चा’ से बना विशेषण ‘चर्चित’ है। ‘चर्चित’ का अर्थ है—जिसकी चर्चा की गई हो या जो प्रसिद्ध हो। हिन्दी में संज्ञा से विशेषण बनाने के लिए ‘-ित’ जैसे प्रत्ययों का प्रयोग किया जाता है। ‘चर्चाएँ’ संज्ञा का बहुवचन रूप है, जबकि ‘चर्या’ एक अलग शब्द है। इसलिए ‘चर्चित’ ही सही विशेषण है।
Q9. ‘धातु’ किसे कहते हैं?
  • क्रिया के मूल रूप को
  • क्रिया के सामान्य रूप को
  • क्रिया के उत्तम रूप को
  • क्रिया के संपूर्ण रूप को
Explanation: ‘धातु’ क्रिया के मूल रूप को कहते हैं, जिससे विभिन्न क्रियाएँ बनती हैं। उदाहरण के लिए ‘खा’ धातु से ‘खाता’, ‘खाया’, ‘खाएगा’ आदि रूप बनते हैं। धातु हिन्दी व्याकरण का आधार है, क्योंकि सभी क्रियाओं का निर्माण इन्हीं मूल रूपों से होता है। परीक्षा में धातु की पहचान करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे शब्द-रचना और काल परिवर्तन को समझा जा सकता है।
Q10. भूतकाल के कितने भेद हैं?
  • सात
  • छः
  • नौ
  • चार
Explanation: हिन्दी व्याकरण में भूतकाल के नौ भेद माने जाते हैं, जैसे—सामान्य भूत, अपूर्ण भूत (नेमी भूत), आसन्न भूत, पूर्ण भूत, संदिग्ध भूत, हेतुहेतुमद् भूत, संकेतार्थ भूत आदि। ये भेद क्रिया के समय और उसकी पूर्णता या संभावना को दर्शाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में भूतकाल के प्रकारों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए इनके नाम और उपयोग को समझना आवश्यक है।
Q11. तद्भव शब्द बने हैं
  • हिंदी के मूल शब्दों से
  • विदेशी शब्दों से
  • उर्दू शब्दों में बदलाव से
  • संस्कृत शब्दों में कुछ बदलाव से
Explanation: तद्भव शब्द वे होते हैं जो संस्कृत के शब्दों से समय के साथ रूप परिवर्तन के बाद हिन्दी में प्रचलित हो गए हैं। जैसे ‘नयन’ से ‘नैन’, ‘कर्ण’ से ‘कान’ आदि। ये शब्द बोलचाल में सरल और परिवर्तित रूप में उपयोग किए जाते हैं। इसके विपरीत तत्सम शब्द अपने मूल संस्कृत रूप में ही प्रयुक्त होते हैं। इसलिए तद्भव शब्दों का निर्माण संस्कृत शब्दों में ध्वनि और रूप के परिवर्तन से होता है।
Q12. तत्सम शब्द पहचानिए :
  • निद्रा
  • कान
  • मोर
  • बंदर
Explanation: ‘निद्रा’ तत्सम शब्द है क्योंकि यह संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के हिन्दी में प्रयुक्त होता है। तत्सम शब्दों का रूप मूलतः वही रहता है जैसा संस्कृत में होता है। जबकि ‘कान’ (कर्ण), ‘मोर’ (मयूर) और ‘बंदर’ (वानर) तद्भव शब्द हैं, जिनमें समय के साथ ध्वनि परिवर्तन हुआ है। परीक्षा में तत्सम और तद्भव शब्दों का अंतर समझना महत्वपूर्ण होता है।
Q13. पर्याय शब्दों का कौन-सा समूह सही नहीं है?
  • पाठशाला, विद्यालय, स्कूल
  • नारी, महिला, औरत
  • पहाड़, पर्वत, पुस्तक
  • आग, अग्नि, अनल
Explanation: विकल्प (C) में ‘पुस्तक’ शब्द ‘पहाड़’ या ‘पर्वत’ का पर्यायवाची नहीं है, इसलिए यह समूह गलत है। ‘पुस्तक’ का अर्थ किताब होता है, जो एक अलग वस्तु है। जबकि ‘पहाड़’ और ‘पर्वत’ एक-दूसरे के पर्याय हैं। अन्य विकल्पों में दिए गए सभी शब्द समान अर्थ वाले हैं, जैसे ‘आग, अग्नि, अनल’ सभी अग्नि के पर्यायवाची हैं। इसलिए सही उत्तर (C) है।
Q14. इनमें से सही विलोम शब्द युग्म कौन-सा है?
  • आदान-प्रदान
  • आदान-निदान
  • प्रदान-विदान
  • आदान-समाधान
Explanation: ‘आदान’ का अर्थ है लेना और ‘प्रदान’ का अर्थ है देना। ये दोनों शब्द एक-दूसरे के विलोम (विपरीत) हैं और साथ मिलकर ‘आदान-प्रदान’ का युग्म बनाते हैं। अन्य विकल्पों में दिए गए शब्द या तो अर्थ की दृष्टि से संबंधित नहीं हैं या सही विलोम नहीं बनाते। विलोम शब्दों का अर्थ होता है ऐसे शब्द जिनके अर्थ एक-दूसरे के विपरीत हों, जैसे दिन-रात, सुख-दुख आदि।
Q15. ‘और’ शब्द के अनेकार्थी शब्द-समूह का चयन कीजिए :
  • अन्य - उसका
  • दूसरा तथा
  • सब परंतु
  • परंतु अपना
Explanation: ‘और’ शब्द का प्रयोग कई अर्थों में होता है, जैसे ‘तथा’ (जोड़ने के लिए) और ‘दूसरा’ (अतिरिक्त अर्थ में)। इसलिए ‘दूसरा तथा’ इसका सही अनेकार्थी समूह है। हिन्दी में अनेकार्थी शब्द वे होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं। उदाहरण के लिए ‘कल’ का अर्थ बीता हुआ दिन या आने वाला दिन दोनों हो सकता है। इस प्रकार ‘और’ के भी विभिन्न संदर्भों में अलग-अलग अर्थ होते हैं।
Q16. ‘जो काम करना कठिन हो’ वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखिए :
  • दुष्कर
  • सुगम
  • सरल
  • साध्य
Explanation: ‘जो काम करना कठिन हो’ के लिए एक शब्द ‘दुष्कर’ होता है। ‘दुष्कर’ का अर्थ है अत्यंत कठिन या कठिनाई से किया जाने वाला कार्य। इसके विपरीत ‘सुगम’ और ‘सरल’ का अर्थ आसान होता है, जबकि ‘साध्य’ का अर्थ है जिसे किया जा सके। एक शब्द में वाक्यांश को व्यक्त करना हिन्दी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग है और प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।
Q17. पक्षी पेड़ों पर अपना ______ बनाते हैं।
  • नीर
  • दूभर
  • नीड़
  • असंभव
Explanation: सही वाक्य है—“पक्षी पेड़ों पर अपना नीड़ बनाते हैं।” ‘नीड़’ का अर्थ होता है घोंसला, जहाँ पक्षी रहते हैं और अंडे देते हैं। ‘नीर’ का अर्थ पानी होता है, जबकि ‘दूभर’ और ‘असंभव’ विशेषण हैं, जो इस संदर्भ में उपयुक्त नहीं हैं। सही शब्द का चयन वाक्य के अर्थ और संदर्भ के अनुसार किया जाता है, जो भाषा की समझ को दर्शाता है।
Q18. ‘अनु’ उपसर्ग से बना शब्द है :
  • अनुचर
  • अनुपमा
  • अंतर
  • अनुत्तर
Explanation: ‘अनुचर’ शब्द ‘अनु’ उपसर्ग और ‘चर’ मूल शब्द से बना है। ‘अनु’ का अर्थ होता है ‘पीछे’ या ‘अनुसरण करना’। ‘अनुचर’ का अर्थ होता है साथ चलने वाला या सेवक। अन्य विकल्पों में भी उपसर्ग हैं, परंतु प्रश्न सामान्यतः सरल उदाहरण की पहचान के लिए होता है, जहाँ ‘अनु + चर’ स्पष्ट रूप से उपसर्ग-प्रत्यय का सही प्रयोग दर्शाता है।
Q19. ‘भुलक्कड़’ शब्द में किस प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
  • भू
  • ड़
  • अक्कड़
  • भूल
Explanation: ‘भुलक्कड़’ शब्द ‘भूल’ धातु/मूल शब्द में ‘अक्कड़’ प्रत्यय जोड़कर बना है। ‘अक्कड़’ प्रत्यय का प्रयोग ऐसे शब्दों में किया जाता है जो किसी व्यक्ति की आदत या प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, जैसे ‘भुलक्कड़’ (जो बार-बार भूलता है)। विकल्प (A) ‘भू’ उपयुक्त प्रत्यय नहीं है। प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में विशेष परिवर्तन करते हैं, जो हिन्दी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग है।
Q20. ‘गीतांजलि’ का सही संधि विच्छेद है :
  • गीता + अन्य
  • गीत + जली
  • गीता + अंजलि
  • गीत + अंजलि
Explanation: ‘गीतांजलि’ का सही संधि-विच्छेद ‘गीत + अंजलि’ है। यहाँ ‘अ + अ’ के मिलने से ‘आ’ बनता है, जो दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है। ‘गीतांजलि’ का अर्थ है ‘गीतों की अंजलि’ या ‘गीतों का समर्पण’। संधि-विच्छेद में शब्दों को उनके मूल रूप में विभाजित किया जाता है। यह हिन्दी व्याकरण का महत्वपूर्ण विषय है और परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।
Q21. सभी मिलकर स्कूल जाता है। वाक्य का शुद्ध रूप होगा :
  • सभी मिलकर स्कूल गए।
  • सभी मिलकर साथ स्कूल जाते हैं।
  • सभी मिलकर स्कूल जाते हैं।
  • सभी साथ स्कूल जाते हैं।
Explanation: मूल वाक्य में कर्ता ‘सभी’ बहुवचन है, जबकि क्रिया ‘जाता है’ एकवचन में है, जो अशुद्ध है। शुद्ध वाक्य में कर्ता और क्रिया का वचन समान होना चाहिए। इसलिए ‘सभी मिलकर स्कूल जाते हैं’ सही रूप है, जहाँ ‘जाते हैं’ बहुवचन क्रिया है। विकल्प (B) और (D) भी अर्थ की दृष्टि से ठीक लग सकते हैं, लेकिन मूल वाक्य के अधिक निकट और मानक रूप (C) है।
Q22. ”रसोईघर” में कौन-सा समास है?
  • अव्ययीभाव
  • तत्पुरुष
  • द्विगु
  • द्वन्द्व
Explanation: ‘रसोईघर’ का समास-विग्रह है—‘रसोई के लिए घर’। यहाँ ‘के लिए’ संबंध का बोध हो रहा है, इसलिए यह संप्रदान तत्पुरुष समास का उदाहरण है। तत्पुरुष समास में दूसरा पद प्रधान होता है और पहला पद उसके साथ किसी कारक संबंध को दर्शाता है। हिन्दी व्याकरण में समास के प्रकारों की पहचान के लिए विग्रह करना आवश्यक होता है।
Q23. मैं खाता हूँ। कर्मवाच्य रूप होगा :
  • मुझसे खाया जाता था।
  • मेरे से खाया जाता है।
  • मुझसे खाया नहीं जाता है।
  • मुझसे खाया जाता है।
Explanation: ‘मैं खाता हूँ’ कर्तृवाच्य वाक्य है, जिसमें कर्ता ‘मैं’ स्वयं क्रिया कर रहा है। इसे कर्मवाच्य में बदलने पर वाक्य होगा—‘मुझसे खाया जाता है’, जहाँ कर्ता की जगह ‘से’ कारक का प्रयोग होता है और क्रिया का रूप बदल जाता है। कर्मवाच्य में क्रिया का मुख्य जोर कर्म पर होता है, न कि कर्ता पर। अन्य विकल्पों में काल या अर्थ में परिवर्तन हो रहा है, इसलिए वे सही नहीं हैं।
Q24. मैं रोज पढ़ता हूँ। वाक्य में क्रिया विशेषण का भेद है :
  • स्थानवाचक क्रिया विशेषण
  • रीतिवाचक क्रिया विशेषण
  • कालवाचक क्रिया विशेषण
  • परिणामवाचक क्रिया विशेषण
Explanation: वाक्य में ‘रोज’ शब्द समय का बोध कराता है, इसलिए यह कालवाचक क्रिया विशेषण है। क्रिया विशेषण वे शब्द होते हैं जो क्रिया की विशेषता बताते हैं। कालवाचक क्रिया विशेषण समय से संबंधित जानकारी देते हैं, जैसे आज, कल, प्रतिदिन, रोज आदि। यहाँ ‘रोज पढ़ता हूँ’ का अर्थ है कि क्रिया प्रतिदिन होती है, इसलिए यह कालवाचक है।
Q25. निम्न में से योजक चिह्न है :
  • ?
  • !
  • -
  • /
Explanation: ‘-’ (हाइफ़न) को योजक चिह्न कहा जाता है, जिसका उपयोग दो शब्दों को जोड़ने के लिए किया जाता है, जैसे ‘हिंदी-अंग्रेजी’। अन्य चिह्न जैसे ‘?’ प्रश्नवाचक, ‘!’ विस्मयादिबोधक और ‘/’ विभाजक चिह्न हैं। योजक चिह्न का प्रयोग विशेष रूप से संयुक्त शब्दों या दो समान स्तर के शब्दों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
Q26. घी के दीये जलाना - है :
  • रोशनी करना
  • खुशी मनाना
  • प्रसन्न होना
  • घी लाना
Explanation: ‘घी के दीये जलाना’ एक मुहावरा है, जिसका अर्थ है ‘खुशी मनाना’। इसका प्रयोग विशेष प्रसन्नता या उत्सव के अवसर पर किया जाता है। मुहावरे का अर्थ उसके शब्दों के शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है। यहाँ ‘घी के दीये जलाना’ का वास्तविक अर्थ दीप जलाना नहीं, बल्कि हर्ष व्यक्त करना है। प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों के अर्थ अक्सर पूछे जाते हैं।
Q27. लोकोक्ति का सामान्य अर्थ है
  • लोक की उक्ति
  • लोक की बातें
  • लोगों के लेख
  • अच्छी बातें
Explanation: ‘लोकोक्ति’ शब्द ‘लोक’ और ‘उक्ति’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है ‘लोक में प्रचलित कथन’। ये ऐसे वाक्य होते हैं जो अनुभव और परंपरा से उत्पन्न होते हैं और सामान्य सत्य को व्यक्त करते हैं, जैसे ‘जैसी करनी वैसी भरनी’। लोकोक्तियाँ समाज की बुद्धि और अनुभव को संक्षेप में प्रस्तुत करती हैं। परीक्षा में इनके अर्थ और प्रयोग का ज्ञान महत्वपूर्ण होता है।
Q28. चमक उठी सन सत्तावन में वो तलवार पुरानी थी। रस भेद बताइए।
  • भक्ति रस
  • वीर रस
  • हास्य रस
  • शृंगार रस
Explanation: इस पंक्ति में ‘वीर रस’ का प्रयोग हुआ है, क्योंकि इसमें उत्साह, शौर्य और वीरता का भाव व्यक्त किया गया है। ‘सन सत्तावन’ 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की ओर संकेत करता है, जो वीरता का प्रतीक है। वीर रस का स्थायी भाव ‘उत्साह’ होता है और इसमें पराक्रम, साहस और युद्ध जैसे भाव शामिल होते हैं। इसलिए यह पंक्ति वीर रस का उत्तम उदाहरण है।
Q29. चौपाई के प्रत्येक चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं?
  • बीस
  • सत्रह
  • पंद्रह
  • सोलह
Explanation: चौपाई छंद के प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं। यह हिन्दी काव्य का एक लोकप्रिय छंद है, जिसका प्रयोग तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ में किया है। चौपाई में चार चरण होते हैं और प्रत्येक चरण में समान मात्राएँ होती हैं। इसके नियमों के अनुसार अंत में कुछ विशेष गण नहीं आते। छंद से संबंधित प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण होते हैं।
Q30. काली घटा का घमंड घटा। अलंकार बताइए :
  • यमक अलंकार
  • उपमा अलंकार
  • अनुप्रास अलंकार
  • रूपक अलंकार
Explanation: इस वाक्य में ‘घटा’ शब्द दो बार आया है, लेकिन दोनों बार उसका अर्थ अलग है—पहला ‘घटा’ का अर्थ बादल (काली घटा) है और दूसरा ‘घटा’ का अर्थ कम होना (घमंड घटा) है। एक ही शब्द के पुनरावृत्ति के साथ अलग-अलग अर्थ होने पर यमक अलंकार होता है। इसलिए यह यमक अलंकार का उदाहरण है।
Q31. निर्देश (144-148): निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए : विश्व की कोई भी ऐसी सभ्यता नहीं है, जिसने वनों के मूल्य को न आँका हो। वन विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों तथा प्रजातियों के लिए एकमात्र आश्रय स्थल थे और आज भी हैं। वनों के निरंतर घटने से इनके संरक्षण की आवश्यकता पड़ी। आज भी वन संरक्षण की आवश्यकता पहले जैसी ही बनी हुई है। वनों में उगे पेड़-पौधे हमारी ईंधन की समस्या का समाधान करते हैं। इनसे हमें इमारतें, फर्नीचर आदि बनाने के लिए कई प्रकार की लकड़ियाँ प्राप्त होती हैं। साथ ही कागज बनाने के लिए कच्ची सामग्री भी उपलब्ध होती है, परंतु इन्हें काटने के साथ-साथ इनका संरक्षण भी आवश्यक है। पेड़-पौधे वर्षा कराने में सहायक बनकर पर्यावरण की रक्षा करते हैं। वहीं इनमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसी विषैली गैस को सोखने की क्षमता भी होती है, जिससे हवा में गैसों का संतुलन बना रहता है। ऐसा करके वे हमारी पृथ्वी को सुरक्षित रखते हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ हमारी सिंचाई और पेयजल की समस्या का समाधान भी वनों के संरक्षण से ही संभव हो सकता है। वनों के कारण ही नदियाँ अपने भीतर जल की अमृतधारा संजोकर प्रवाहित हो रही हैं। 144-वनों का मूल्य आँकने का अर्थ है :
  • वनों का महत्व समझना
  • वनों को अत्यधिक काटना
  • वनों को बेचना
  • वन लगाना
Explanation: गद्यांश के अनुसार ‘वनों का मूल्य आँकना’ का अर्थ है उनके महत्व को समझना। यहाँ ‘मूल्य’ से तात्पर्य आर्थिक नहीं, बल्कि पर्यावरणीय, सामाजिक और जैविक महत्व से है। वन जीव-जंतुओं का आश्रय स्थल हैं, वर्षा में सहायक हैं और वायु को शुद्ध रखते हैं। इसलिए किसी सभ्यता द्वारा वनों के मूल्य को आँकना उनके महत्व को स्वीकार करना है। अन्य विकल्प जैसे काटना या बेचना इसके विपरीत अर्थ देते हैं।
Q32. आश्रय स्थल से अभिप्राय है :
  • भोजन का स्थान
  • घूमने का स्थान
  • रहने का स्थान
  • आश्रम का स्थान
Explanation: ‘आश्रय स्थल’ का अर्थ होता है वह स्थान जहाँ कोई जीव सुरक्षित रूप से रह सके। गद्यांश में वन को पशु-पक्षियों और विभिन्न प्रजातियों का आश्रय स्थल बताया गया है, अर्थात् वे वहाँ निवास करते हैं। इसलिए ‘रहने का स्थान’ सही उत्तर है। अन्य विकल्प जैसे भोजन या घूमने का स्थान इस संदर्भ में उपयुक्त नहीं हैं।
Q33. वनों के संरक्षण से अभिप्राय है :
  • वनों को काटना
  • वनों को फैलाना
  • वनों को साफ करना
  • वनों को बचाना
Explanation: ‘संरक्षण’ का अर्थ होता है किसी वस्तु या संसाधन की रक्षा करना। गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वनों को काटने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी आवश्यक है। इसका अभिप्राय है वनों को नष्ट होने से बचाना और उनकी रक्षा करना। इसलिए ‘वनों को बचाना’ सही उत्तर है। अन्य विकल्प संरक्षण के विपरीत अर्थ देते हैं।
Q34. वन पर्यावरण की रक्षा किस प्रकार करते हैं?
  • तेज हवाएँ चलाकर
  • छाया देकर
  • वर्षा कराने में सहायक बनकर
  • लकड़ी देकर
Explanation: गद्यांश के अनुसार पेड़-पौधे वर्षा कराने में सहायक बनकर पर्यावरण की रक्षा करते हैं। इसके अलावा वे कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं, जिससे वायु संतुलन बना रहता है। हालांकि छाया देना और लकड़ी प्रदान करना भी वनों के लाभ हैं, परंतु पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में वर्षा और गैस संतुलन अधिक महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सही उत्तर (C) है।
Q35. नदियों में जलधारा किसके कारण प्रवाहित हो रही है?
  • वनों के
  • धरती के
  • किसानों के
  • समुद्रों के
Explanation: गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है कि वनों के कारण ही नदियाँ अपने भीतर जल की अमृतधारा संजोकर प्रवाहित हो रही हैं। वन वर्षा को आकर्षित करते हैं और जल चक्र को संतुलित बनाए रखते हैं, जिससे नदियों में जल बना रहता है। इसलिए नदियों में जलधारा का प्रवाह वनों पर निर्भर है। अन्य विकल्प इस संदर्भ में उपयुक्त नहीं हैं।
Q36. ”जयद्रथ वध” किसकी रचना है?
  • जयशंकर प्रसाद
  • मैथिलीशरण गुप्त
  • सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
  • सुमित्रानंदन पंत
Explanation: ‘जयद्रथ वध’ प्रसिद्ध खंडकाव्य है, जिसकी रचना राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने की है। यह काव्य महाभारत की कथा पर आधारित है और इसमें अर्जुन द्वारा जयद्रथ वध की घटना का वर्णन है। मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि हैं, जिन्होंने राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति को अपनी रचनाओं में प्रमुखता दी।
Q37. ‘अतीत के चलचित्र’ किसकी रचना है?
  • महादेवी वर्मा
  • अयोध्या सिंह
  • सियाराम शरण गुप्त
  • सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
Explanation: ‘अतीत के चलचित्र’ प्रसिद्ध साहित्यकार महादेवी वर्मा की रचना है। यह एक संस्मरणात्मक रेखाचित्र संग्रह है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और स्मृतियों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया है। महादेवी वर्मा छायावाद की प्रमुख कवयित्री थीं और हिन्दी साहित्य में उनका महत्वपूर्ण स्थान है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता और गहन भावनाओं के लिए जानी जाती हैं।