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UP Police Constable Previous Year Question Papers pdf with solution year 2020 set 1 hindi

up police constable 2020 हिंदी

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Instruction: निर्देश (1-5): निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर - ‘हमारे यहाँ के विद्वान पुनर्जागरण पर ही इतना अधिक ध्यान देते हैं कि यदि हम उसे पढ़ें तो अतीत के विषय में जानने की हमारी लालसा और बढ़ जाती है। हमें यह अनुभव कराया गया कि संपूर्ण भारत रामकृष्ण, विवेकानंद और दयानंद जैसे महापुरुषों की मंडली है। हमें यह भी अनुभव कराया गया कि औरतों की दशा बहुत अच्छी थी और जातीयता को प्राणघातक मान लिया गया था। इसके अलावा कुछ दूसरी चीजें भी उस दौरान घटित हुई, जिसके बारे में हम बात नहीं करते। एक हिंदी भाषी प्रांत में दयानंद को जूतों की माला से स्वागत किया गया था। जब ‘आर्यसमाज‘ और ‘ब्रह्मसमाज‘ मौजूद था, उसी समय ‘सनातन धर्म सभा‘ और ‘भारत ध सभा भी स्थापित हुआ । दयानंद शास्त्रार्थ में हरा दिए गए। कट्टरपंथी और रूढ़िवादी लोगों ने नये विचारों का विरोध किया। बाद में ब्रह्मसमाज भी अत्यधिक पुरातनपंथी हो गया। राजा राममोहन राय के बारे में कहा जाता है कि जब वे मृत्युशय्या पर थे तो उन्हें भागीरथी के तट पर लाया गया। उनके चारों तरफ खड़े लोगों ने उनसे पूछा कि वे लोग उनके लिए क्या कर सकते है? तो उन्होंने अपने पूरे शरीर पर राध कृष्ण लिखने को कहा। जिन लोगों ने धार्मिक सुधार के लिए विद्रोह किया वे अत्यधिक पुरातनपंथी निकले। आंदोलन के अंतिम दिनों में ब्रह्मसमाज के अनुयायी हठधर्मी हो गए थे। बाद में बहुत सारे ब्रह्मसमाजी कम्युनिस्ट और मार्क्सवादी हो गए।
Q1. अतीत के विषय में जानने की लालसा कब और बढ़ जाती है? (1) ब्रह्मसमाज के विचारों को पढ़कर (2) आर्यसमाज के विचारों को पढ़कर (3) विवेकानंद के विचारों को पढ़कर (4) भारतीय विद्वानों के पुनर्जागरण संबंधी विचारों को पढ़कर
  • (1) ब्रह्मसमाज के विचारों को पढ़कर
  • (2) आर्यसमाज के विचारों को पढ़कर
  • (3) विवेकानंद के विचारों को पढ़कर
  • (4) भारतीय विद्वानों के पुनर्जागरण संबंधी विचारों को पढ़कर
Explanation: प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार भारतीय पुनर्जागरण के समय कई विद्वानों ने भारत के गौरवशाली अतीत को पुनः समझने और जानने पर जोर दिया। उनके विचारों को पढ़ने से लोगों में इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जिज्ञासा बढ़ी। इसलिए कहा गया है कि भारतीय विद्वानों के पुनर्जागरण संबंधी विचारों को पढ़कर अतीत के विषय में जानने की लालसा और अधिक प्रबल हो जाती है। भारतीय पुनर्जागरण ने राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक सुधार और सांस्कृतिक जागरण को भी बढ़ावा दिया, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण तथ्य है।
Q2. जूतों की माला से किसका स्वागत किया गया था? (1) दयानंद (2) विवेकानंद (3) राममोहन राय (4) रामकृष्ण परमहंस
  • (1) दयानंद
  • (2) विवेकानंद
  • (3) राममोहन राय
  • (4) रामकृष्ण परमहंस
Explanation: प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार एक हिंदी भाषी प्रांत में स्वामी दयानंद सरस्वती का विरोध करने वाले लोगों ने उनका अपमान करने के उद्देश्य से जूतों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया था। स्वामी दयानंद आर्य समाज के संस्थापक थे और उन्होंने मूर्तिपूजा, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया था। उनके सुधारवादी विचारों के कारण कई रूढ़िवादी लोग उनके विरोधी बन गए थे। प्रतियोगी परीक्षाओं में दयानंद सरस्वती, आर्य समाज की स्थापना (1875) और उनके सुधारवादी विचारों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q3. बाद में कौन-सी संस्था अत्यधिक पुरातनपंथी हो गयी? (1) सनातन धर्म सभा (2) रामकृष्ण मिशन (3) ब्रह्मसमाज (4) भारत धर्मसभा
  • (1) सनातन धर्म सभा
  • (2) रामकृष्ण मिशन
  • (3) ब्रह्मसमाज
  • (4) भारत धर्मसभा
Explanation: गद्यांश के अनुसार समय के साथ ब्रह्मसमाज के भीतर भी वैचारिक मतभेद और रूढ़िवादी प्रवृत्तियाँ बढ़ने लगीं। प्रारंभ में यह संस्था सामाजिक और धार्मिक सुधार के उद्देश्य से स्थापित हुई थी, परंतु बाद में इसके कुछ अनुयायी अधिक परंपरावादी हो गए। ब्रह्मसमाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 1828 में की थी। इसका उद्देश्य एकेश्वरवाद का प्रचार, सती प्रथा का विरोध और सामाजिक सुधार करना था। प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्रह्मसमाज, उसके संस्थापक तथा उसके सामाजिक योगदान से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q4. ब्रह्मसमाज के संदर्भ में असत्य कथन है? (1) बाद में बहुत सारे ब्रह्मसमाजी मार्क्सवादी हो गए थे। (2) ब्रह्मसमाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने की थी। (3) बाद में ब्रह्मसमाज भी अत्यधिक पुरातनपंथी हो गया। (4) अंतिम दिनों में ब्रह्मसमाज के अनुयायी हठधर्मी हो गए थे।
  • (1) बाद में बहुत सारे ब्रह्मसमाजी मार्क्सवादी हो गए थे।
  • (2) ब्रह्मसमाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने की थी।
  • (3) बाद में ब्रह्मसमाज भी अत्यधिक पुरातनपंथी हो गया।
  • (4) अंतिम दिनों में ब्रह्मसमाज के अनुयायी हठधर्मी हो गए थे।
Explanation: यह कथन असत्य है कि ब्रह्मसमाज की स्थापना दयानंद सरस्वती ने की थी। वास्तव में ब्रह्मसमाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 1828 में कोलकाता में की थी। इसका उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों का विरोध करना और एकेश्वरवाद का प्रचार करना था। दूसरी ओर दयानंद सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की थी। इसलिए विकल्प (2) गलत है। प्रतियोगी परीक्षाओं में समाज सुधार आंदोलनों के संस्थापक और उनके उद्देश्यों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q5. निम्न में कौन-सा विद्वान शास्त्रार्थ में हरा दिया गया था? (1) विवेकानंद (2) रामकृष्ण परमहंस (3) राममोहन राय (4) दयानंद
  • (1) विवेकानंद
  • (2) रामकृष्ण परमहंस
  • (3) राममोहन राय
  • (4) दयानंद
Explanation: गद्यांश के अनुसार स्वामी दयानंद सरस्वती को एक शास्त्रार्थ में पराजित कर दिया गया था। शास्त्रार्थ भारतीय परंपरा में धार्मिक और दार्शनिक विषयों पर होने वाली विद्वत् बहस को कहा जाता है। स्वामी दयानंद वैदिक धर्म के समर्थक थे और उन्होंने अनेक स्थानों पर शास्त्रार्थ किए। उनके विचारों का उद्देश्य समाज को वेदों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगी परीक्षाओं में दयानंद सरस्वती, आर्य समाज, वेदों की व्याख्या और सामाजिक सुधार आंदोलनों से जुड़े तथ्य महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा संधि विच्छेद का एक गलत उदाहरण है?
  • महा + ओज
  • पौ + अक
  • नौ + इक
  • परो + उपकार
Explanation: ‘परो + उपकार’ संधि विच्छेद का गलत उदाहरण है। सही संधि विच्छेद ‘पर + उपकार’ होगा, जिससे ‘परोपकार’ शब्द बनता है। यहाँ ‘अ’ और ‘उ’ के मेल से ‘ओ’ बनने पर गुण संधि होती है। इसी प्रकार ‘महा + ओज’ से ‘महौज’, ‘पौ + अक’ से ‘पावक’ तथा ‘नौ + इक’ से ‘नाविक’ बनता है। हिंदी व्याकरण में संधि का अर्थ दो शब्दों या वर्णों के मेल से नए शब्द का निर्माण होना है। प्रतियोगी परीक्षाओं में संधि और संधि-विच्छेद से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q7. इनमें से ‘जो पहले कभी न हुआ हो’ को व्यक्त करने वाला कौन-सा एक शब्द है?
  • अभूतपूर्व
  • भूतपूर्व
  • अनादि
  • अद्वितीय
Explanation: ‘अभूतपूर्व’ का अर्थ है — जो पहले कभी नहीं हुआ हो। यह शब्द ‘अ’ + ‘भूत’ + ‘पूर्व’ से मिलकर बना है, जिसमें ‘अ’ का अर्थ ‘नहीं’ होता है। ‘भूतपूर्व’ का अर्थ होता है जो पहले हो चुका हो, ‘अनादि’ का अर्थ है जिसका कोई आदि न हो, और ‘अद्वितीय’ का अर्थ है जिसका दूसरा न हो। इसलिए ‘जो पहले कभी न हुआ हो’ के लिए सबसे उपयुक्त शब्द ‘अभूतपूर्व’ है। हिंदी व्याकरण में अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द (एकार्थी शब्द) से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
Q8. निम्नलिखित वाक्य में आए खाली स्थान के लिए सही शब्द चुनिए — “अभिषेक ____ घर चला गया।”
  • किसके
  • अपने-आप
  • इस
  • उस
Explanation: दिए गए वाक्य में सही शब्द ‘अपने-आप’ है। पूर्ण वाक्य होगा — “अभिषेक अपने-आप घर चला गया।” ‘अपने-आप’ का अर्थ होता है स्वयं या बिना किसी के कहे। यह शब्द क्रिया के साथ प्रयोग होकर कार्य के स्वतः होने का भाव प्रकट करता है। अन्य विकल्प जैसे ‘किसके’, ‘इस’ और ‘उस’ वाक्य की संरचना और अर्थ के अनुसार उपयुक्त नहीं हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में रिक्त स्थान पूर्ति के प्रश्नों में शब्दों का सही प्रयोग और वाक्य की व्याकरणिक शुद्धता महत्वपूर्ण होती है।
Q9. निम्न उपन्यासों में कौन-सा मृदुला गर्ग द्वारा रचित नहीं है?
  • उसके हिस्से की धूप
  • रुकोगी नहीं राधिका
  • चित्तकोबरा
  • मैं और मैं
Explanation: ‘रुकोगी नहीं राधिका’ प्रसिद्ध हिंदी लेखिका उषा प्रियंवदा द्वारा लिखा गया उपन्यास है, इसलिए यह मृदुला गर्ग की रचना नहीं है। मृदुला गर्ग हिंदी साहित्य की प्रमुख कथाकार और उपन्यासकार हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘उसके हिस्से की धूप’, ‘चित्तकोबरा’, ‘कठगुलाब’, ‘मिलजुल मन’ और ‘वंशज’ शामिल हैं। वे सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विषयों पर लेखन के लिए जानी जाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी साहित्य के लेखक और उनकी प्रमुख रचनाओं से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q10. ‘बाग-बाग होना’ मुहावरे का सही अर्थ क्या है?
  • आसान काम होना
  • हरियाली छा जाना
  • बहुत खुश होना
  • कार्य सिद्ध होना
Explanation: ‘बाग-बाग होना’ मुहावरे का अर्थ है अत्यंत प्रसन्न या बहुत खुश होना। जब किसी व्यक्ति को बहुत अधिक खुशी मिलती है या कोई बड़ी सफलता प्राप्त होती है, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए— जब रमेश अपनी कक्षा में प्रथम आया, तो उसके माता-पिता का दिल बाग-बाग हो गया। हिंदी भाषा में मुहावरे वाक्य को प्रभावशाली और अर्थपूर्ण बनाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में मुहावरों और उनके सही अर्थ से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q11. सुधी, मनीषी, बुध निम्नलिखित में से किसके पर्यायवाची शब्द हैं?
  • पंडित
  • धनी
  • पति
  • गुरु
Explanation: ‘सुधी’, ‘मनीषी’ और ‘बुध’ ऐसे शब्द हैं जिनका अर्थ बुद्धिमान, विद्वान या ज्ञानी व्यक्ति होता है। इसलिए ये शब्द ‘पंडित’ के पर्यायवाची माने जाते हैं। ‘पंडित’ का अर्थ है विद्वान या शास्त्रों का ज्ञाता व्यक्ति। इसके अन्य पर्यायवाची शब्दों में विद्वान, ज्ञानी, प्राज्ञ, मर्मज्ञ, बुद्धिमान आदि शामिल हैं। ‘गुरु’ का अर्थ शिक्षक या मार्गदर्शक होता है, जो निकट अर्थ वाला शब्द है, परंतु यहाँ सीधे पर्याय के रूप में ‘पंडित’ अधिक उपयुक्त है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्यायवाची शब्दों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q12. ‘पयोधि’, ‘सिंधु’, ‘वारीश’ किसके पर्यायवाची शब्द हैं?
  • मेघ
  • समुद्र
  • नदी
  • गंगा
Explanation: ‘पयोधि’, ‘सिंधु’ और ‘वारीश’ शब्द ‘समुद्र’ के पर्यायवाची हैं। संस्कृत और हिंदी साहित्य में समुद्र के लिए अनेक पर्यायवाची शब्द प्रयुक्त होते हैं, जैसे— सागर, जलधि, रत्नाकर, पारावार, अर्णव आदि। ‘पयोधि’ का अर्थ है जल का भंडार, ‘सिंधु’ का अर्थ विशाल जलराशि तथा ‘वारीश’ का अर्थ जल का स्वामी है। ये सभी शब्द समुद्र की विशालता और जलसमृद्धि को दर्शाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्यायवाची शब्दों का ज्ञान भाषा की समझ और शब्द-भंडार को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
Q13. ‘मलबे का मालिक’ कहानी के कहानीकार कौन हैं?
  • राजेंद्र यादव
  • मोहन राकेश
  • कमलेश्वर
  • निर्मल वर्मा
Explanation: ‘मलबे का मालिक’ प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मोहन राकेश द्वारा लिखी गई कहानी है। मोहन राकेश हिंदी के ‘नई कहानी आंदोलन’ के प्रमुख साहित्यकारों में से एक थे। उनकी रचनाओं में आधुनिक जीवन की जटिलताओं, मनोवैज्ञानिक संघर्षों और सामाजिक यथार्थ का चित्रण मिलता है। उनके प्रमुख नाटकों में ‘आषाढ़ का एक दिन’, ‘आधे-अधूरे’ और ‘लहरों के राजहंस’ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘अंधेरे बंद कमरे’ और ‘न आने वाला कल’ जैसे उपन्यास भी लिखे। हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण लेखक और उनकी कृतियाँ प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती हैं।
Q14. ”वधूत्सव” का संधि-विच्छेद रूप क्या है?
  • वद + उत्सव
  • वध + उत्सव
  • वधू + उत्सव
  • वधो + उत्सव
Explanation: ‘वधूत्सव’ शब्द का सही संधि-विच्छेद ‘वधू + उत्सव’ है। यहाँ ‘ऊ’ और ‘उ’ के मेल से ‘ऊ’ ही बना रहता है, जिसे दीर्घ संधि कहा जाता है। ‘वधू’ का अर्थ दुल्हन होता है और ‘उत्सव’ का अर्थ समारोह या पर्व। दोनों शब्दों के संयोग से ‘वधूत्सव’ शब्द बनता है, जिसका अर्थ विवाह से संबंधित उत्सव या समारोह हो सकता है। हिंदी और संस्कृत व्याकरण में संधि का अर्थ दो शब्दों या वर्णों के मेल से नया शब्द बनना है। प्रतियोगी परीक्षाओं में संधि तथा संधि-विच्छेद से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
Q15. निम्नलिखित में से सही वाक्य की पहचान कीजिए।
  • वह क्या जाने कि मैं कैसे जी रहा हूँ।
  • वह कैसे जाने कि क्या मैं जी रहा हूँ।
  • वह क्या जाने कि मैं कैसे जी रहा हूँ।
  • वे क्या जाने कि मैं कैसे जी रहा हैं।
Explanation: विकल्प (A) ‘वह क्या जाने कि मैं कैसे जी रहा हूँ।’ व्याकरण की दृष्टि से सही वाक्य है। इसमें कर्ता, क्रिया और वचन का सही सामंजस्य है। विकल्प (B) में वाक्य की संरचना असंगत है, जबकि विकल्प (D) में ‘मैं’ के साथ ‘हैं’ का प्रयोग गलत है, क्योंकि ‘मैं’ के साथ ‘हूँ’ का प्रयोग होता है। हिंदी में वाक्य की शुद्धता के लिए कर्ता-क्रिया का मेल, वचन, काल और वाक्य-रचना का सही होना आवश्यक है। प्रतियोगी परीक्षाओं में शुद्ध वाक्य पहचान से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q16. जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े, उसे क्या कहते हैं?
  • कर्ता
  • करण
  • कर्म
  • अपादान
Explanation: व्याकरण में जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है उसे ‘कर्म’ कहा जाता है। उदाहरण के लिए वाक्य “राम ने फल खाया” में ‘फल’ कर्म है, क्योंकि खाने की क्रिया का प्रभाव उसी पर पड़ रहा है। हिंदी में कारक के कई प्रकार होते हैं जैसे कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान आदि। कर्म कारक का विभक्ति चिह्न प्रायः ‘को’ होता है। वाक्य संरचना को समझने के लिए कारक का ज्ञान आवश्यक होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी व्याकरण के अंतर्गत कारक से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q17. निम्न में से किस साहित्यकार को ‘प्रेमचंद की कहानियों का काल-क्रमानुसार अध्ययन’ के लिए ‘व्यास सम्मान’ प्रदान किया गया है?
  • गोपेश्वर सिंह
  • वीरभारत तलवार
  • कमल किशोर गोयनका
  • वीरेंद्र यादव
Explanation: ‘प्रेमचंद की कहानियों का काल-क्रमानुसार अध्ययन’ पुस्तक के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार और शोधकर्ता कमल किशोर गोयनका को वर्ष 2014 का व्यास सम्मान प्रदान किया गया था। व्यास सम्मान भारत का एक प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार है, जो के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा हिंदी भाषा में उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों के लिए दिया जाता है। कमल किशोर गोयनका ने प्रेमचंद के साहित्य पर गहन शोध कार्य किया है और उनके जीवन तथा कृतियों पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं। हिंदी साहित्य से जुड़े पुरस्कार प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
Q18. ‘निंदा’ का विलोम शब्द क्या है?
  • स्तुति
  • राग
  • द्वेष
  • सम्मान
Explanation: ‘निंदा’ का अर्थ है किसी की बुराई करना या दोष निकालना। इसका विलोम शब्द ‘स्तुति’ है, जिसका अर्थ प्रशंसा या गुणगान करना होता है। हिंदी भाषा में विलोम शब्द ऐसे शब्द होते हैं जिनका अर्थ एक-दूसरे के विपरीत होता है। उदाहरण के लिए ‘सम्मान’ का विलोम ‘अपमान’ और ‘द्वेष’ का विलोम ‘प्रेम’ या ‘राग’ हो सकता है। भाषा की समझ और शब्द भंडार को बढ़ाने के लिए विलोम शब्दों का अध्ययन महत्वपूर्ण है। प्रतियोगी परीक्षाओं में विलोम शब्दों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
Q19. किस वर्ष साहित्य अकादमी पुरस्कार नहीं दिया गया?
  • 1960
  • 1962
  • 1965
  • 1970
Explanation: साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत का एक प्रमुख साहित्यिक सम्मान है, जो साहित्य अकादमी द्वारा विभिन्न भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट कृतियों के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1955 में हुई थी। सामान्यतः यह पुरस्कार हर वर्ष प्रदान किया जाता है, लेकिन वर्ष 1962 में कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण यह पुरस्कार प्रदान नहीं किया गया था। यह पुरस्कार भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं सहित अन्य प्रमुख भाषाओं में दिया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में साहित्यिक पुरस्कारों से जुड़े तथ्य महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
Q20. निम्नलिखित में तद्भव शब्द कौन-सा है?
  • विकार
  • दंड
  • कोकिला
  • नींद
Explanation: तद्भव शब्द वे होते हैं जो संस्कृत के मूल शब्दों (तत्सम) से परिवर्तित होकर प्राकृत और अपभ्रंश के माध्यम से हिंदी में आए हैं। ‘नींद’ तद्भव शब्द है जिसका तत्सम रूप ‘निद्रा’ है। इसी प्रकार ‘दंड’ और ‘कोकिला’ तत्सम शब्द हैं, जिनके तद्भव रूप क्रमशः ‘डंडा’ और ‘कोयल’ हैं। ‘विकार’ भी संस्कृत का तत्सम शब्द है। हिंदी व्याकरण में तत्सम और तद्भव शब्दों का अंतर भाषा के विकास और शब्दों की उत्पत्ति को समझने के लिए महत्वपूर्ण होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q21. निम्नलिखित वाक्य में आए खाली स्थान के लिए सही शब्द चुनिए— “गिलास ____ तोड़ा?”
  • तुमने
  • उसने
  • किसने
  • इसने
Explanation: दिए गए वाक्य में सही शब्द ‘किसने’ होगा। पूर्ण वाक्य बनेगा— “गिलास किसने तोड़ा?” यहाँ प्रश्नवाचक सर्वनाम का प्रयोग किया गया है, क्योंकि यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि गिलास किस व्यक्ति द्वारा तोड़ा गया। ‘तुमने’, ‘उसने’ और ‘इसने’ निश्चित व्यक्तियों की ओर संकेत करते हैं, जबकि वाक्य का उद्देश्य प्रश्न पूछना है। हिंदी व्याकरण में प्रश्नवाचक सर्वनाम जैसे ‘कौन’, ‘किसने’, ‘किसका’ आदि का प्रयोग प्रश्न बनाने के लिए किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे रिक्त स्थान पूर्ति के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q22. ‘विरोधी पक्ष का’ वाक्यांश के लिए एक सार्थक शब्द कौन-सा है?
  • पक्षपाती
  • विपक्षी
  • पक्षघाती
  • द्विपक्षी
Explanation: ‘विरोधी पक्ष का’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त एक शब्द ‘विपक्षी’ है। ‘विपक्ष’ का अर्थ होता है विरोध करने वाला पक्ष, विशेषकर राजनीति या किसी विवाद में मुख्य पक्ष के विरुद्ध खड़ा पक्ष। ‘विपक्षी’ उसी पक्ष से संबंधित व्यक्ति या समूह को दर्शाता है। ‘पक्षपाती’ का अर्थ किसी एक पक्ष का समर्थन करने वाला होता है, जबकि ‘द्विपक्षी’ का अर्थ दो पक्षों से संबंधित होता है। इसलिए ‘विरोधी पक्ष का’ अर्थ व्यक्त करने के लिए ‘विपक्षी’ शब्द सबसे उचित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में वाक्यांश के लिए एक शब्द से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q23. सन् 2019 में ‘व्यास सम्मान’ किसे प्रदान किया गया?
  • नासिरा शर्मा
  • लीलाधर जगूड़ी
  • ममता कालिया
  • नरेन्द्र कोहली
Explanation: वर्ष 2019 का प्रतिष्ठित ‘व्यास सम्मान’ प्रसिद्ध हिंदी लेखिका नासिरा शर्मा को उनके उपन्यास ‘कागज़ की नाव’ के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा हिंदी भाषा में उत्कृष्ट साहित्यिक कृति के लिए दिया जाता है। नासिरा शर्मा हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण लेखिका हैं, जिनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, स्त्री जीवन और मानवीय संवेदनाओं का गहरा चित्रण मिलता है। उन्हें वर्ष 2016 में उनके उपन्यास ‘पारिजात’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था। प्रतियोगी परीक्षाओं में साहित्यिक पुरस्कार और उनसे जुड़े लेखक महत्वपूर्ण विषय होते हैं।
Q24. निम्नलिखित में कौन-सा तत्सम–तद्भव जोड़ी का सही विकल्प नहीं है?
  • सूत्र – सूत
  • हस्त – हाथ
  • चक्र – गोला
  • ग्राहक – गाहक
Explanation: ‘चक्र – गोला’ तत्सम–तद्भव की सही जोड़ी नहीं है। ‘चक्र’ का वास्तविक तद्भव रूप ‘चक्का’ होता है। ‘गोला’ एक अलग शब्द है जिसका अर्थ गोल आकार की वस्तु होता है। जबकि ‘सूत्र – सूत’, ‘हस्त – हाथ’ और ‘ग्राहक – गाहक’ सही तत्सम–तद्भव जोड़े हैं। हिंदी भाषा में तत्सम वे शब्द होते हैं जो संस्कृत से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं, जबकि तद्भव वे शब्द हैं जो संस्कृत शब्दों से परिवर्तित होकर प्राकृत और अपभ्रंश के माध्यम से हिंदी में आए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में तत्सम–तद्भव से जुड़े प्रश्न सामान्यतः पूछे जाते हैं।
Q25. पुरुषोत्तम अग्रवाल को उनकी किस रचना के लिए ‘देवीशंकर अवस्थी स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया?
  • विचार का अनंत
  • तीसरा रुख
  • संस्कृति: वर्चस्व और प्रतिरोध
  • अकथ कहानी प्रेम की: कबीर की कविता और उनका समय
Explanation: हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक और साहित्यकार पुरुषोत्तम अग्रवाल को उनकी आलोचना पुस्तक ‘तीसरा रुख’ के लिए ‘देवीशंकर अवस्थी स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान हिंदी साहित्य में आलोचना और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है। पुरुषोत्तम अग्रवाल कबीर और भारतीय संस्कृति पर अपने शोध और लेखन के लिए भी प्रसिद्ध हैं। उनकी अन्य चर्चित कृतियों में ‘अकथ कहानी प्रेम की: कबीर की कविता और उनका समय’ शामिल है। साहित्यिक पुरस्कार और उनसे जुड़े लेखक प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण तथ्य माने जाते हैं।
Q26. ‘अवधी बोली’ का अन्य नाम क्या है?
  • कोसली
  • बनाफरी
  • बैगानी
  • मधेसी
Explanation: ‘अवधी’ हिंदी क्षेत्र की प्रमुख उपभाषाओं में से एक है और इसे ‘कोसली’ भी कहा जाता है। यह नाम प्राचीन ‘कोसल’ क्षेत्र से संबंधित है, जहाँ यह बोली प्रचलित थी। अवधी का साहित्यिक महत्व बहुत अधिक है। गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध कृति ‘रामचरितमानस’ तथा मलिक मोहम्मद जायसी की ‘पद्मावत’ इसी भाषा में लिखी गई हैं। इसके अतिरिक्त अवधी को ‘बैसवाड़ी’ नाम से भी जाना जाता है। हिंदी साहित्य और भाषाविज्ञान के अध्ययन में अवधी का विशेष स्थान है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
Q27. वाक्य में काम करने वाले को क्या कहते हैं?
  • कर्ता
  • करण
  • कर्म
  • क्रिया
Explanation: वाक्य में जो व्यक्ति या वस्तु कार्य करता है उसे ‘कर्ता’ कहा जाता है। उदाहरण के लिए वाक्य “राम ने फल खाया” में ‘राम’ कर्ता है, क्योंकि वही कार्य कर रहा है। ‘कर्म’ वह होता है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है, जैसे इस वाक्य में ‘फल’। ‘करण’ वह साधन होता है जिसके द्वारा कार्य किया जाता है, जबकि ‘क्रिया’ स्वयं कार्य को व्यक्त करती है। हिंदी व्याकरण में कर्ता, कर्म और करण जैसे कारक वाक्य की संरचना को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में कारक से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q28. निम्नलिखित में कौन-सा शब्द तत्सम है?
  • उज्ज्वल
  • इकट्ठा
  • कँवल
  • उपरोक्त
Explanation: ‘उज्ज्वल’ एक तत्सम शब्द है, जिसका अर्थ है चमकीला या प्रकाशमान। तत्सम शब्द वे होते हैं जो संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के सीधे हिंदी में लिए गए होते हैं। ‘इकट्ठा’ का तत्सम रूप ‘एकत्र’ है और ‘कँवल’ का सही तत्सम रूप ‘कमल’ है। इसलिए दिए गए विकल्पों में ‘उज्ज्वल’ स्पष्ट रूप से तत्सम शब्द है। हिंदी व्याकरण में तत्सम और तद्भव शब्दों का अध्ययन भाषा के विकास और शब्दों की उत्पत्ति को समझने में सहायक होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे जुड़े प्रश्न सामान्यतः पूछे जाते हैं।
Q29. ‘मैं भंगी हूँ’ आत्मकथा के लेखक कौन हैं?
  • सूरजपाल चौहान
  • मोहनदास नैमिशराय
  • भगवान दास
  • ओमप्रकाश वाल्मीकि
Explanation: ‘मैं भंगी हूँ’ प्रसिद्ध दलित लेखक भगवान दास की आत्मकथा है। इसका प्रकाशन 1981 में हुआ था और यह दलित साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में गिनी जाती है। इस पुस्तक में लेखक ने अपने जीवन के संघर्षों, सामाजिक भेदभाव और दलित समाज की कठिन परिस्थितियों का यथार्थ चित्रण किया है। भगवान दास दलित आंदोलन और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। हिंदी साहित्य में दलित आत्मकथाओं का विशेष महत्व है, क्योंकि वे समाज के उपेक्षित वर्गों के अनुभवों और संघर्षों को सामने लाती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में साहित्यकारों और उनकी रचनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
Q30. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प शब्द और उनके विलोम शब्द की सही जोड़ी नहीं है?
  • राग – विराग
  • व्यष्टि – समष्टि
  • बच्चा – जवान
  • उत्तम – अधम
Explanation: ‘बच्चा – जवान’ विलोम शब्दों की सही जोड़ी नहीं है। ‘बच्चा’ का सही विलोम सामान्यतः ‘बूढ़ा’ या ‘वृद्ध’ माना जाता है, जबकि ‘जवान’ का विलोम ‘बूढ़ा’ होता है। इसलिए ‘बच्चा – जवान’ सही विलोम नहीं बनते। अन्य विकल्प जैसे ‘राग – विराग’, ‘व्यष्टि – समष्टि’ और ‘उत्तम – अधम’ सही विलोम शब्दों के उदाहरण हैं। विलोम शब्द ऐसे शब्द होते हैं जिनके अर्थ एक-दूसरे के विपरीत होते हैं। हिंदी भाषा में विलोम शब्दों का ज्ञान शब्द भंडार को बढ़ाने में सहायक होता है और प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Q31. लोकोक्ति और उनके सही अर्थ वाले जोड़े के विकल्प की पहचान कीजिए।
  • चोर की दाढ़ी में तिनका
  • नाच न जाने आँगन टेढ़ा
  • नेकी कर दरिया में डाल
Explanation: 31-(4) सही सुमेलन इस प्रकार है- (1) चित्त भी मेरी पट भी मेरी — दोनों ओर से लाभ चाहना। (2) चोर की दाढ़ी में तिनका — अपराधी भयभीत रहता है। (3) नाच न जाने आँगन टेढ़ा — अयोग्यता का दोष दूसरों को देना। (4) नेकी कर दरिया में डाल — भला करके भूल जाना चाहिए।
Q32. निम्न में से कौन-सा कवि भारतेन्दु युगीन नहीं हैं?
  • बद्रीनारायण चौधरी ‘प्रेमधन’
  • ठाकुर जगमोहन सिंह
  • पंडित अंबिकादत्त व्यास
  • श्रीधर पाठक
Explanation: 32-(4) भारतेन्दु युगीन प्रमुख कवियों में भारतेन्दु हरिश्चंद्र, बद्रीनारायण ‘प्रेमधन’, प्रतापनारायण मिश्र, राधाकृष्ण दास, अंबिकादत्त व्यास और ठाकुर जगमोहन सिंह शामिल थे।
Q33. मार्तण्ड, अर्क, अंशुमाली निम्नलिखित में से किसके पर्यायवाची शब्द हैं?
  • रोशनी
  • चन्द्र
  • सूर्य
  • रेखा
Explanation: 33-(3) मार्तण्ड, अर्क, अंशुमाली शब्द ‘सूर्य’ के पर्यायवाची हैं। सूर्य के अन्य पर्यायवाची हैं— आदित्य, भानु, दिनकर, दिवाकर आदि।
Q34. निम्नलिखित में से सही वाक्य की पहचान कीजिए।
  • मैं रविवार के दिन तुम्हारे घर आऊँगा।
  • मैं रविवार को तुम्हारे घर आऊँगा।
  • मैं रविवार की तुम्हारे घर को आऊँगा।
  • मैं रविवार दिन को तुम्हारे घर आऊँगा।
Explanation: 34-(2) दिए गए विकल्पों में से शुद्ध वाक्य है— ‘मैं रविवार को तुम्हारे घर आऊँगा।’
Q35. भारतीय संविधान में 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है, जिनमें यह भाषा शामिल नहीं है?
  • मैथिली
  • मणिपुरी
  • बोडो
  • भोजपुरी
Explanation: 35-(4) भोजपुरी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है, जबकि मैथिली, मणिपुरी और बोडो भाषाएँ शामिल हैं।
Q36. निम्नलिखित वाक्यांश में अपादान कारक प्रयुक्त हुआ है-
  • श्याम का घर
  • पेड़ से गिर पड़ा
  • कुर्सी के नीचे
  • आरी से काटो
Explanation: 36-(2) ‘पेड़ से गिर पड़ा’ वाक्यांश में अपादान कारक प्रयुक्त हुआ है। संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना प्रकट हो, उसे अपादान कारक कहते हैं।
Q37. निम्नलिखित में कौन-सा ‘असुर’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है?
  • निशिचर
  • दनुज
  • राक्षस
  • महाकाय
Explanation: 37-(4) ‘महाकाय’ शब्द ‘असुर’ का पर्यायवाची नहीं है। असुर के पर्यायवाची शब्द हैं— दानव, दनुज, राक्षस, निशाचर आदि।